Site iconSite icon SHABD SANCHI

मुंबई में सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर सुरक्षा में तैनात 41 वर्षीय पुलिस कांस्टेबल गणेश रायते की हार्ट अटैक से अचानक मौत हो गई। जानिए पूरी घटना और अभिनेता की सुरक्षा से जुड़े अहम तथ्य।

सलमान खानसलमान खान

सलमान खान

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के मुंबई के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात एक पुलिसकर्मी की अचानक मौत हो गई। मृतक पुलिस जवान की पहचान 41 वर्षीय कांस्टेबल गणेश रायते के रूप में हुई है, जो मुंबई पुलिस की LA-4 यूनिट में कार्यरत थे। शुरुआती चिकित्सा जांच के अनुसार, पुलिस जवान की मौत की मुख्य वजह हार्ट अटैक (कार्डियक अरेस्ट) बताई जा रही है।

सलमान खान के मुंबई के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से मिल रही लगातार धमकियों के चलते सलमान खान के घर के बाहर 24 घंटे कड़ा पुलिस पहरा रहता है। इस अचानक हुई दुखद घटना से मुंबई पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।

यह भी पढ़ें: Parliament Monsoon Session 2026: ‘गृहमंत्री सदन में आएं’ के नारों के बीच पक्ष-विपक्ष में गतिरोध, रिजिजू-राहुल बैठक और विधायी घमासान

घटना का विवरण: ऑन-ड्यूटी अचानक बिगड़ी पुलिसकर्मी की तबीयत

यह हादसा शुक्रवार शाम करीब 6 बजे बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुआ। कांस्टेबल गणेश रायते रोजाना की तरह अभिनेता के आवास के बाहर अपनी सुरक्षा ड्यूटी पर मुस्तैद थे।

कांस्टेबल गणेश रायते की पहचान और तैनाती

41 वर्षीय गणेश रायते मुंबई पुलिस की LA-4 (लोकल आर्म्स) यूनिट से जुड़े हुए थे। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खतरे को देखते हुए उन्हें सलमान खान की सुरक्षा व्यवस्था के तहत गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर तैनात किया गया था।

अस्पताल ले जाने और डॉक्टरों की पुष्टि

ड्यूटी के दौरान अचानक गणेश रायते अस्वस्थ महसूस करने लगे और अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए उन्हें पास के भाभा अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित (Brought Dead) कर दिया। डॉक्टरों ने शुरुआती रिपोर्ट में मौत का कारण तीव्र दिल का दौरा (Heart Attack) बताया है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग की धमकी और सलमान खान की Y+ सुरक्षा

सलमान खान लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई और उसके आपराधिक नेटवर्क के निशाने पर हैं। बिश्नोई गैंग 1998 के काले हिरण (Blackbuck) शिकार मामले को लेकर अभिनेता को जान से मारने की धमकियां देता रहा है।

सुरक्षा पहलू (Security Aspect)विवरण (Details)
सुरक्षा श्रेणीY+ कैटेगरी
सुरक्षा बल11 जवान (2 PSO और कमांडो शामिल)
वाहनबुलेटप्रूफ कारें और 2 एस्कॉर्ट गाड़ियां
गैलेक्सी अपार्टमेंटबुलेटप्रूफ बालकनी व AI कैमरे

2024 की फायरिंग घटना के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा

14 अप्रैल 2024 को दो अज्ञात बाइक सवारों ने बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। जांच में सामने आया कि इस हमले का मकसद सलमान खान को डराना था और इसे जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के निर्देशों पर अंजाम दिया गया था। इस घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार ने अभिनेता की सुरक्षा को अभेद्य बनाते हुए Y+ श्रेणी प्रदान की थी।

Y+ सुरक्षा का ढांचा

सुरक्षा और धमकियों पर क्या है सलमान खान का रुख?

लगातार मिल रही धमकियों और भारी सुरक्षा घेरे के बीच जीवन जीने को लेकर सलमान खान ने पूर्व में अपने विचार साझा किए थे। उन्होंने माना था कि अत्यधिक सुरक्षा के साथ आवाजाही करना कभी-कभी व्यावहारिक रूप से कठिन हो जाता है।

“भगवान, अल्लाह, सब उन पर है। जितनी उम्र लिखी है, उतनी ही है। बस यही है। कभी-कभी, इतने सारे लोगों के साथ घूमना मुश्किल हो जाता है।”

सलमान खान (सुरक्षा व्यवस्था पर दिया गया बयान)

सलमान खान का मानना है कि जीवन और मृत्यु ईश्वर के हाथ में है और वह सुरक्षा कारणों से अपने दैनिक कार्य या प्रतिबद्धताओं को प्रभावित नहीं होने देते। हालांकि, कांस्टेबल गणेश रायते के निधन पर फिलहाल सलमान खान या उनके परिवार की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

यह भी पढ़ें: क्या आपके घर के लिए सोलर पैनल सही विकल्प है? जानें किन परिस्थितियों में सोलर पैनल लगवाना घाटे का सौदा हो सकता है और लगाने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

पुलिसकर्मियों की हेल्थ और ऑन-ड्यूटी स्ट्रेस पर उठे सवाल

इस दुखद हादसे ने एक बार फिर अति-संवेदनशील ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  1. लंबे कार्य घंटे: हाई-प्रोफाइल सुरक्षा ड्यूटी में जवानों को 12 से 14 घंटे तक लगातार सतर्क रहना पड़ता है।
  2. मानसिक तनाव: धमकियों और हाई-अलर्ट के माहौल में काम करने से शारीरिक थकावट के साथ कार्डियोवैस्कुलर जोखिम बढ़ जाते हैं।
  3. नियमित हेल्थ चेकअप की जरूरत: पुलिस महकमे में ऑन-ड्यूटी जवानों के लिए समय-समय पर कार्डियक स्क्रीन और हेल्थ चेकअप अनिवार्य करने की मांग उठ रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1: सलमान खान के घर के बाहर किस पुलिसकर्मी का निधन हुआ?

उत्तर: मुंबई पुलिस की LA-4 यूनिट में तैनात 41 वर्षीय पुलिस कांस्टेबल गणेश रायते का निधन हुआ है। वह सलमान खान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। ड्यूटी के दौरान अचानक अस्वस्थ होने के बाद भाभा अस्पताल में उन्हें मृत घोषित किया गया।

Q2: पुलिस जवान की मौत की मुख्य वजह क्या बताई गई है?

उत्तर: मुंबई पुलिस और डॉक्टरों की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार कांस्टेबल गणेश रायते की मौत कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) के कारण हुई है। ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद वे बेहोश होकर गिर पड़े थे और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।

Q3: सलमान खान के घर के बाहर भारी पुलिस सुरक्षा क्यों तैनात है?

उत्तर: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से लगातार मिल रही जान से मारने की धमकियों और अप्रैल 2024 में गैलेक्सी अपार्टमेंट पर हुई फायरिंग की घटना के बाद सलमान खान की सुरक्षा बढ़ाई गई है। उन्हें महाराष्ट्र सरकार की ओर से Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है।

Q4: सलमान खान को किस प्रकार की सुरक्षा प्रदान की गई है?

उत्तर: सलमान खान को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है, जिसमें 11 जवान हर समय तैनात रहते हैं। इसमें कमांडो, पीएसओ, बुलेटप्रूफ गाड़ियां और काफिले के लिए एस्कॉर्ट गाड़ियां शामिल हैं। इसके अलावा उनके गैलेक्सी अपार्टमेंट को भी बुलेटप्रूफ सुरक्षा दी गई है।

Q5: सुरक्षा और धमकियों पर सलमान खान ने क्या बयान दिया था?

उत्तर: सलमान खान ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि जीवन और मृत्यु ईश्वर (भगवान/अल्लाह) के हाथ में है और जितनी उम्र लिखी है, उतनी ही रहेगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि इतनी भारी सुरक्षा के साथ आवाजाही करना कभी-कभी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

सलमान खान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर तैनात पुलिस कांस्टेबल गणेश रायते का अचानक निधन एक दुखद और स्तब्ध कर देने वाली घटना है। बिश्नोई गैंग के खतरे के बीच अभिनेता की सुरक्षा में तैनात जवान अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभा रहे थे। यह हादसा न केवल मुंबई पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी क्षति है, बल्कि सुरक्षा बलों के कठिन कार्य परिवेश और उनके स्वास्थ्य प्रबंधन पर भी नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

Exit mobile version