Ujjain violence : मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित तराना कस्बे में सांप्रदायिक तनाव के बाद पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बजरंग दल नेता पर हमले के बाद भड़की इस हिंसा में भीड़ ने जमकर तोड़फोड़, पथराव और आगजनी की। फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और ड्रोन के जरिए उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस अब तक 18 दंगाइयों को गिरफ्तार कर चुकी है।
बजरंग दल के नगर मंत्री पर हुआ हमला | Ujjain violence
हिंसा की जड़ 22 जनवरी की रात हुई एक घटना है, जब बजरंग दल के नगर मंत्री सोहिल ठाकुर पर जानलेवा हमला किया गया। इसके बाद अगले दिन जुमे की नमाज के बाद स्थिति और बिगड़ गई। आरोप है कि खाकरीपुरा मस्जिद से निकली 200 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने पाठक शेरी मोहल्ले में हमला बोल दिया। नकाबपोश दंगाइयों ने हाथों में तलवार, लाठी-डंडे और पत्थर लेकर घरों को निशाना बनाया और जमकर दहशत फैलाई।
उपद्रवियों ने निजी वाहनों में लगायी आग | Ujjain violence
उपद्रवियों के निशाने पर सार्वजनिक वाहन और निजी संपत्तियां रहीं। दंगाइयों ने एक बस को आग के हवाले कर दिया और लगभग 11 बसों में तोड़फोड़ की। इसके अलावा, गली में खड़ी 10 से अधिक गाड़ियों और बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। सीसीटीवी फुटेज में दंगाई चुन-चुनकर घरों और मंदिरों की खिड़कियों पर पत्थर बरसाते नजर आए। हिंसा के दौरान कई दुकानों के बाहर भी आगजनी की गई, जिससे इलाके में करोड़ों के नुकसान का अनुमान है।
प्रशासन ने लागू की धरा 163
हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तराना में धारा 163 लागू कर दी है। एसपी प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में 300 से अधिक पुलिसकर्मी फ्लैग मार्च कर रहे हैं। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों की मदद से उपद्रवियों की शिनाख्त की जा रही है। जहाँ पुलिस अब तक 18 लोगों को जेल भेज चुकी है, वहीं मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह दो व्यक्तियों का आपसी विवाद था जिसे गलतफहमी के कारण सांप्रदायिक रंग दे दिया गया।
