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PM Modi Help Iran : पीएम मोदी ने ट्रंप को किया नाराज, कर दिया ईरान को समर्थन देने का एलान 

PM Modi Help Iran : मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। छिड़ी जंग अब निर्णायक मोड़ पर है। नतांज परमाणु केंद्र पर भीषण हमले के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियां से फोन पर बातचीत की, जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है।

पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से की बात 

पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपपति मसूद पेजेशकियां को न केवल ईद और नवरोज की शुभकामनाएँ दीं, बल्कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर बल देते हुए महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की कड़ी निंदा की। भारत ने ईरान को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की पेशकश कर समर्थन (PM Modi Help Iran) देने की बात कही। यह भारत का एक स्पष्ट संदेश है जो अमेरिका और इजराइल के लिए भी संकेत है। मोदी ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए स्थिरता जरूरी बताई। इस कठिन समय में, भारत की ईरान के साथ बढ़ती नजदीकियों और प्रधानमंत्री के इस संवाद को डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के लिए एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती माना जा रहा है।

PM Modi ने किस बात की कर दी निंदा? 

ईरान के राष्ट्रपति से मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि की आशा जताई। उन्होंने महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों की कठोर निंदा की, यह कह कर कि ऐसे कदम क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सप्लाई चेन दोनों के लिए खतरा हैं। प्रधानमंत्री ने समुद्री मार्गों और नौवहन की सुरक्षा बनाए रखने पर भी जोर दिया। उनकी प्रशंसा भी की कि ईरान इस कठिन समय में भारत के नागरिकों की सुरक्षा में लगातार सहयोग कर रहा है।

पीएम मोदी ने ईरान से शिपिंग लेनों को खुला रखने को कहा 

पीएम मोदी कहा, “ऐसे हमलों की निंदा की जाती है जो क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं। उन्होंने कहा, “वैश्विक व्यापार की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना आवश्यक है।” उन्होंने दोहराया कि “नेविगेशन की स्वतंत्रता का संरक्षण और शिपिंग लेनों को खुला व सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।”

भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

बता दें कि मिडिल ईस्‍ट में ईरान के साथ इजराइल और अमेरिका की जंग से तनाव और बढ़ रहा है। जिससे तेल मार्गों की चिंता बढ़ रही है। विशेषकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर।  यूएई और सऊदी अरब समेत अमेरिकी सहयोगी भी ईरान की गतिविधियों को लेकर चिंतित हैं, जिससे पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता का खतरा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय नेतृत्व खाड़ी क्षेत्र के साथ लगातार संपर्क में है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अपने ईरानी समकक्ष से बातचीत की है। गौरतलब है कि 20 से अधिक भारतीय जहाज फंसे हैं, और स्ट्रेट ऑफ हरमुज के यातायात पर असर पड़ा है। हालांकि, पिछले हफ्ते, ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ जैसे दो भारतीय जहाज सफलतापूर्वक इस जलडमरूमध्य से गुजरे।

इजराइल पर भारी पड़ रहा ईरान | Iran Israel US War

ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार अली मोहम्मद नैनी ने इजराइल को चेतावनी दी कि अगर वह कोई ‘रणनीतिक गलती’ करता है, तो ईरान के हमले से गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे। उन्होंने कहा कि ईरान ने इजराइल को चारों ओर से घेर लिया है। अगर ज़ायोनी शासन गाजा के खिलाफ कोई कदम उठाता है, तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी। वहीं, इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने धमकी दी है। उन्होंने कहा, “हमास को कुचल कर बर्बाद कर देंगे।” यह क्षेत्र में अस्थिरता को और भी बढ़ा रहा है।

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