Plastic Hawan kund in Ram temple:भगवान श्री राम की नगरी में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्लास्टिक के हवन कुंड और अग्नि के अनुष्ठान से विवाद खड़ा हो गया है. शनिवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा X में इस हवन कुंड के अनुष्ठान की तस्वीरें अपलोड की गईं जिसके बाद लोगों ने इसका खूब विरोध किया। .
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में पोस्ट करते हुए लिखा-
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में प्रतिष्ठित होने से पूर्व जहां प्रभु श्रीराम का चल विग्रह स्थापित था, आज उस स्थान पर अनुष्ठान पूर्वक एक ज्योति स्वरूप स्थापित किया गया है। वैदिक आचार्यों ने ज्योति स्थापना से पूर्व पूजन तथा अनुष्ठान सम्पन्न कराया। विदित हो कि मन्दिर निर्माण के समय इसी स्थान पर श्रीविग्रह को विराजमान कराया गया था।
बताया गया है कि इस आर्टिफिशियल हवन कुंड और अग्नि की स्थापना उस स्थान पर की गई है जहां भगवान राम की प्रतिमा को प्राणप्रतिष्ठा से पहले स्थापित किया गया था.
सोशल मीडिया यूजर्स ने प्लास्टिक के हवनकुंड स्थापित कर उसका अनुष्ठान करने पर आपत्ति जताई है. लोगों का कहना है कि क्या अब मंदिर में कोई असली हवन करने वाला भी नहीं बचा है जो प्लास्टिक की अग्नि रखनी पड़ गई?
पत्रकार अजीत भारती ने लिखा- ‘ज्योति’ की जगह ‘ज्योति स्वरूप’? कोई दीपक जलाने वाला नहीं मिला जो बच्चों के साइंस प्रोजेक्ट में प्रयुक्त इस चाइनीज़ बकलोली को पॉडक्स्ट के प्रॉप की तरह राम मंदिर में डाला गया है? इसको भी डिफेंड कर लेंगे ये! राम मंदिर में एक पुजारी क्या एक दीपक जला कर नहीं रख सकता? या वामपंथियों के भय से कि ‘इससे लगातार धुआँ निकलता रहेगा और अंटार्कटिका की बर्फ पिघल जाएगी’ के कारण ये मूर्खता की गई है? कोई आगम शास्त्र आदि का नियम है चाइनीज़ प्लास्टिक लाइट लगाने का तो बताएँ हमें!
इस मामले में अबतक कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है. लोग इस बात से नाराज हैं कि आम आदमी ने राम मंदिर निर्माण में करोड़ों रुपए का दान दिया और अब उनकी आस्था से ऐसे खिलवाड़ किया जा रहा है. इस प्लास्टिक के हवनकुंड को लोग मेड इन चाइना कह रहे हैं और मंदिर को म्युसियम बनाने का आरोप लगा रहे हैं.

