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रीवा में प्रशासनिक आर-पार: कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज ठप, तो वहीं कलेक्टर के समर्थन में उतरी जनता

People came out in support of Collector in RewaPeople came out in support of Collector in Rewa

People came out in support of Collector in Rewa

रीवा। जिला प्रशासन और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारियों के बीच उपजा विवाद अब गहराता जा रहा है। एक तरफ जहां अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के समर्थन में जिले के नागरिक और विभिन्न संगठन लामबंद हो गए हैं। इस खींचतान के कारण जिले की जनपद पंचायतों में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं, जिससे मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।

वेतन कटौती और अभद्र व्यवहार के आरोप में कर्मचारियों का प्रदर्शन

हड़ताल पर बैठे जनपद सीईओ, इंजीनियर और रोजगार सहायकों का आरोप है कि समीक्षा बैठकों के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। कर्मचारियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि एक ओर जहां उन्हें वेतन नहीं मिला है, वहीं दूसरी ओर कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ द्वारा दंडात्मक रूप से वेतन कटौती के आदेश जारी किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक ये दंडात्मक आदेश वापस नहीं लिए जाते, वे काम पर नहीं लौटेंगे। इस गतिरोध ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह रोक दिया है।

कलेक्टर के समर्थन में ‘आवाम’ ने सौंपे गुलाब, कार्रवाई की उठी मांग

कर्मचारियों के इस विरोध के बीच शुक्रवार को एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में अधिवक्ता, आरटीआई कार्यकर्ता और ‘आवाम फाउंडेशन’ के सदस्य कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। फाउंडेशन के सदस्यों ने कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी को गुलाब के फूल भेंट कर उनके कार्यशैली का समर्थन किया। समर्थकों ने संभागायुक्त कार्यालय में धरना देते हुए हड़ताली कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की और घोघर कब्रिस्तान की जमीन के खसरे में सुधार जैसे जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने की अपील की।

संवाद से समाधान की कोशिश, कलेक्टर ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ

बढ़ते तनाव के बीच कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने बेहद संवेदनशील और सकारात्मक रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के साथ उनका कोई व्यक्तिगत मनमुटाव या गतिरोध नहीं है। कलेक्टर ने हड़ताली कर्मचारियों को चर्चा के लिए आमंत्रित करते हुए विश्वास दिलाया है कि प्रशासन और कर्मचारी एक ही परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने अपील की है कि सभी मिलकर जनता के रुके हुए कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करें, ताकि आम नागरिकों को परेशानी न हो। अब देखना यह होगा कि कलेक्टर की इस पहल पर कर्मचारी संगठन क्या रुख अपनाते हैं।

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