Passport Is Not Citizenship Proof: पासपोर्ट (Passport) को लेकर केंद्र सरकार के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है। विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने साफ किया है कि पासपोर्ट नागरिकता (Indian Citizenship) का अंतिम प्रमाण नहीं है, बल्कि यह सिर्फ एक यात्रा दस्तावेज (Travel Document) है। इसके बाद विपक्षी दल कांग्रेस और कई सामाजिक-राजनीतिक हस्तियों ने सवाल उठाए हैं कि अगर पासपोर्ट भी नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो आखिर भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए कौन सा दस्तावेज मान्य है?
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
14वें पासपोर्ट सेवा दिवस (Passport Seva Diwas) के अवसर पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि पासपोर्ट का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा (International Travel) को सुगम बनाना है। यह विदेश में धारक की राष्ट्रीयता (Nationality) दर्शाता है, लेकिन कानूनी रूप से नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।
मंत्रालय के अनुसार नागरिकता (Citizenship Act) और पासपोर्ट (Passport Act) दो अलग-अलग कानूनों के तहत संचालित होते हैं। इसलिए पासपोर्ट होने मात्र से किसी व्यक्ति की नागरिकता हर स्थिति में अंतिम रूप से सिद्ध नहीं हो जाती।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत (Supriya Shrinate) और वरिष्ठ वकील एवं राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने सवाल किया कि यदि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो फिर नागरिकता साबित करने के लिए कौन सा दस्तावेज माना जाएगा?
प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि पासपोर्ट को नागरिकता का 100 प्रतिशत प्रमाण नहीं माना जाता, तो नागरिकता से जुड़े नए कानूनों और प्रक्रियाओं का आधार क्या होगा?
क्या आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण है?
नहीं। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि आधार कार्ड (Aadhaar Card) केवल पहचान (Identity Proof) का दस्तावेज है, नागरिकता का नहीं। आधार भारत में रहने वाले व्यक्ति को जारी किया जाता है, चाहे वह भारतीय नागरिक हो या नहीं।
क्या भारत में कोई एक Citizenship Certificate है?
भारत में ऐसा कोई एक सार्वभौमिक दस्तावेज (Universal Citizenship Document) नहीं है, जो हर नागरिक के लिए नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता इस बात पर निर्भर करती है कि व्यक्ति ने नागरिकता जन्म (Citizenship by Birth), वंश (Citizenship by Descent), पंजीकरण (Citizenship by Registration), प्राकृतिककरण (Naturalisation) या किसी अन्य कानूनी प्रक्रिया से प्राप्त की है।
नागरिकता साबित करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज इस्तेमाल हो सकते हैं?
नागरिकता साबित करने के लिए विभिन्न परिस्थितियों में अलग-अलग दस्तावेजों का उपयोग किया जाता है, जैसे:
- जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
- माता-पिता के नागरिकता संबंधी दस्तावेज
- नागरिकता प्रमाण पत्र (Citizenship Certificate)
- वोटर आईडी (Voter ID Card)
- सरकारी रिकॉर्ड
- भूमि एवं पारिवारिक दस्तावेज
- शैक्षणिक रिकॉर्ड
- पासपोर्ट (Passport) एक सहायक दस्तावेज के रूप में
हालांकि इनमें से भी कोई एक दस्तावेज हर मामले में अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।
पासपोर्ट सेवा में क्या उपलब्धियां रहीं?
विदेश मंत्रालय के मुताबिक पिछले 10 वर्षों में पासपोर्ट सेवा केंद्रों (Passport Seva Kendra) और संबंधित सुविधाओं की संख्या 77 से बढ़कर 545 हो गई है।
- 1.47 करोड़ से ज्यादा ई-पासपोर्ट (E-Passport) जारी किए जा चुके हैं।
- आवेदन निपटाने का औसत समय घटकर 5-6 दिन रह गया है।
- 2019 में 16 देशों के मुकाबले अब 27 देश भारतीयों को वीजा-फ्री एंट्री (Visa Free Entry) देते हैं।
आखिर विवाद क्यों बढ़ा?
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब नागरिकता, मतदाता सूची और पहचान दस्तावेजों (Citizenship Verification) को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज है। सरकार का कहना है कि पासपोर्ट यात्रा के लिए जारी दस्तावेज है, जबकि विपक्ष का सवाल है कि आम नागरिक आखिर अपनी भारतीय नागरिकता किस आधार पर साबित करेगा।

