नईदिल्ली। भारतीय संसद में अमेरिकी-इजराइल और ईरान युद्ध का मामला गर्माया हुआ है। सोमवार को बजट सत्र के दूसरे फेज में विपक्ष अमेरिकी-इजराइल और ईरान युद्ध पर चर्चा के लिए अड़ा रहा। विपक्ष की मांग है कि इस युद्ध से पश्चिम एशिया में जो हालात बने हुए है उससे भारत पर होने वाले असर पर चर्चा होनी चाहिए। सदन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
विदेश मंत्री ने दोनों सदनों में दी यह जानकारी
विदेश मंत्री यश जयशंकर प्रसाद ने राज्यसभा और लोकसभा में भारतीयों की वापसी और एनर्जी संकट की तैयारियों की जानकारी दिए। उन्होंने कहा- इस समय ईरान की लीडरशिप से कॉन्टैक्ट मुश्किल है, लेकिन भारत शांति और बातचीत के पक्ष में है। मौजूदा संघर्ष भारत के लिए भी चिंता की बात है। हम पड़ोसी हैं, और वेस्ट एशिया में स्थिरता बनाए रखना हमारी भी जिम्मेदारी है।
खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय
विदेश मंत्री ने कहा कि खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। ईरान में भी, कुछ हजार भारतीय पढ़ाई या नौकरी के लिए हैं। उन्होने बताया कि 67,000 भारतीय इंटरनेशनल बार्डर पार कर चुके है। उन्होने कहा कि यह इलाका हमारी एनर्जी सिक्योरिटी के लिए बहुत जरूरी है और इसमें तेल और गैस के कई जरूरी सप्लायर शामिल हैं। सप्लाई चेन में रुकावटें और अस्थिरता गंभीर मुद्दे हैं।
विपक्ष ने किया वॉकआउट
राज्यसभा में विदेश मंत्री अपना संबोधन दे रहे थे तब विपक्ष ने वॉक आउट किया। लोकसभा में विदेश मंत्री के बोलने के दौरान विपक्ष ने नारे लगाए, खबू हंगामा किया। चेयर के बार-बार बोलने पर भी विपक्षी सांसद शांत नहीं हुए थे।
