Parkinson’s Disease: क्या है यह बीमारी, क्यों बढ़ रही है चिंता, क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Parkinson's Disease: क्या है यह बीमारी, क्यों बढ़ रही है चिंता, क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Parkinson’s Disease: यह बीमारी एक तरह की गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी होती है जो की धीरे-धीरे किसी व्यक्ति की शारीरिक गतिविधियों को प्रभावित कर देती है। हाल ही के कुछ सालों में भारत सहित दुनिया भर में इस मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है जिससे हेल्थ सेक्टर के विशेषज्ञ और आम लोग दोनों धीरे-धीरे सतर्क होते दिख रहे हैं।

क्या है Parkinson’s Disease

Parkinson’s disease हमारे दिमाग से जुड़ी एक प्रगतिशील बीमारी होती है जिसमें दिमाग की वह कोशिका प्रभावित हो जाती है जो डोपामिन नामक केमिकल बनाती है। हमारे दिमाग में डोपामाइन केमिकल शेयर की मूवमेंट और संतुलन को नियंत्रित करने में एक जरूरी भूमिका निभाता है अगर हमारे मस्तिष्क में इसकी मात्रा कम हो जाती है तो व्यक्ति के हाथ पैर धीरे-धीरे कांपने लगते हैं और शरीर की गति धीमी हो जाती है।

ये भी पढ़े : क्या है ट्रेकोमा बीमारी? PM Modi ने Mann Ki Baat में किया जिक्र 

मुख्य लक्षण कौन-कौन से होते हैं?

जब व्यक्ति को या बीमारी होती है तो इसकी शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं जिसे लोग उम्र का असर समझ कर नजरअंदाज कर देते हैं और बीमारी की वजह समझ नहीं पाते हैं। इस बीमारी में हाथों या उंगलियों में कंपन, चलने में धीमापन, बोलने की आवाज में भी बदलाव और शरीर में जकड़न या फिर संतुलन बनाए रखने में दिक्कत होने लगती है। यह सभी लक्षण इस बीमारी के आम लक्षण है। इसके अलावा कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जिन्हें यह बीमारी होने पर नींद की समस्या या फिर याददाश्त कमजोर होने की शिकायत भी हो जाती है।

किन कारणों से होती है यह बीमारी

डॉक्टर के अनुसार परकिंसन बीमारी का कोई स्पष्ट कारण मौजूद नहीं है, लेकिन यह बीमारी उम्र बढ़ने, अनुवांशिक कारण या फिर दिमाग की कोशिकाओं के धीरे-धीरे नष्ट होने आदि जैसे कारणों के कारण होती है। विशेषज्ञों का यह कहना है कि यह बीमारी संक्रामक नहीं है यानी छूने से नहीं फैलती है।

ये भी पढ़े: बार-बार Muscle Cramps होना हो सकता है गंभीर बीमारी का संकेत, जानिए कारण और बचाव

इलाज और नियंत्रण के क्या विकल्प हैं?

फिलहाल इस बीमारी का कोई भी पूर्ण इलाज उपलब्ध नहीं है लेकिन सही समय पर इस बीमारी की लक्षण से इसकी पहचान की जा सकती है और इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। डॉक्टर के द्वारा इस बीमारी में दवाइयां के साथ-साथ फिजियोथैरेपी, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार दिया जाता है जिससे इस बीमारी से लोग बच सकते हैं। हालांकि इस बीमारी के कुछ गंभीर मामलों में सर्जरी का ऑप्शन भी अपनाया जाता है लेकिन यह तभी होता है जब व्यक्ति की हालत गंभीर हो।

विशेषज्ञों की सलाह और बढ़ती जागरूकता

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है की बीमारी की शुरुआती संकेत को समझ कर उसका इलाज करना चाहिए ना कि उसे नजरअंदाज करते रहना चाहिए। समय पर अगर डॉक्टर से सलाह ली जाए तो सही समय पर स्थिति को संभाल लिया जा सकता है। बढ़ती जागरूकता और सही जानकारी से इस बीमारी से जुड़ी चिताओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

Parkinson’s disease भले ही एक गंभीर और लंबे समय वाली बीमारी हो लेकिन अगर इस बीमारी में सही तरीके से इलाज और देखभाल किया जाता है तो व्यक्ति जल्द ही ठीक हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *