Panna Police Extortion Case: पन्ना जिले के मडला थाना क्षेत्र में एक व्यापारी को गांजा तस्करी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर 95 हजार रुपये की अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। शिकायत पुलिस अधीक्षक तक पहुंचने के बाद एसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
Panna Police Extortion Case: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले (Panna District) में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। मडला थाना क्षेत्र में एक व्यापारी को गांजा तस्करी (Ganja Smuggling) के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर 95 हजार रुपये की अवैध वसूली (Illegal Extortion) करने का आरोप लगा है। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
रीवा निवासी व्यापारी मोहनलाल सोनी 14 मई को अपने मित्र से मिलने पन्ना आए थे। महुदा क्षेत्र में मुलाकात के बाद जब वे पेट्रोल पंप के पास अपनी बाइक पर खड़े थे, तभी मडला थाना के दो आरक्षक वहां पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने वाहन चेकिंग (Vehicle Checking) के नाम पर व्यापारी को रोका और उनकी बाइक की डिग्गी में एक बैग रखकर गांजा रखने का आरोप लगा दिया। इसके बाद NDPS Act (NDPS Act) के तहत कार्रवाई की धमकी दी गई।
95 हजार रुपये की मांग
व्यापारी के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने उसे डराकर एक लाख रुपये की मांग की। इस दौरान स्थानीय शराब ठेके का मैनेजर भी मौजूद था। पीड़ित ने अपने परिजनों से संपर्क कर दो अलग-अलग खातों में कुल 95 हजार रुपये (50 हजार और 45 हजार) ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। पैसे मिलने के बाद ही पुलिस ने व्यापारी को छोड़ा।
SP निवेदिता नायडू का सख्त एक्शन
घटना के बाद डरा-सहमा व्यापारी रीवा लौट गया, लेकिन बाद में उसने हिम्मत जुटाकर पन्ना पुलिस अधीक्षक (Panna SP) निवेदिता नायडू को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल प्रारंभिक जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर महुदा थाना प्रभारी रचना पटेल, आरक्षक रज्जाक खान और रामशरण को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspended) कर दिया गया है।
एसडीओपी को सौंपी गई जांच
मामले की विस्तृत जांच अब पन्ना एसडीओपी (Panna SDOP) को सौंप दी गई है। पुलिस विभाग इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रहा है कि इस अवैध वसूली (Police Extortion) में और कौन-कौन लोग शामिल थे। घटना सामने आने के बाद पूरे जिले में पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस की छवि को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

