Panic of wild elephants in Mauganj: मऊगंज जिले में पिछले दो दिनों से जंगली हाथियों का झुंड दहशत फैला रहा है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से निकला यह झुंड व्यवहारी, चुरहट, सीधी होते हुए अब हनुमना क्षेत्र पहुंच गया है। हालांकि झुंड से अलग होकर मुख्य रूप से दो हाथी ही हनुमना पहुंचे हैं, जबकि बाकी अन्य रास्तों से निकल गए। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत अलर्ट हो गई और हनुमना थाना क्षेत्र के बलभद्रगढ़, उकसा, मलकपुर, सगराकला, बहेरा डाबर, हरहा जैसे इलाकों में पहुंचकर इन हाथियों का पीछा कर रही है। अभी तक उन्हें किसी सुरक्षित जंगली क्षेत्र में नहीं पहुंचाया जा सका है। वर्तमान लोकेशन बहेरा डाबर और हरहा क्षेत्र बताया जा रहा है।
प्रशासन की सतर्कता और एहतियाती कदम
- प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है, ताकि झूलते तारों से हाथियों को करंट का खतरा न हो।
- वन विभाग और पुलिस की टीमें ड्रोन और पैदल गश्त से लगातार निगरानी कर रही हैं।
- ग्रामीणों को सख्त सलाह दी गई है कि रात में घरों के अंदर सुरक्षित रहें, हाथियों के पास न जाएं, फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहें और वीडियो/फोटो बनाने से परहेज करें।
हाथी मुख्य रूप से जंगली इलाकों में भ्रमण कर रहे हैं, लेकिन फसलों को रौंदने और मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका से स्थानीय लोग दहशत में हैं। छत्तीसगढ़ सीमा से आए इस झुंड ने सीधी जिले को पार कर अब मऊगंज तक पहुंचकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर डाला है। प्रशासन और वन विभाग की टीम दिन-रात मुस्तैद है, लेकिन हाथियों को सुरक्षित जंगल में वापस भेजने के प्रयास जारी हैं। स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।
