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सीधी: शिकारगंज तालाब में फिर दिखा 8 फीट लंबा घड़ियाल, बच्चे पर हमले की कोशिश से ग्रामीणों में दहशत

Panic as 8-foot-long gharial spotted again in Sidhi's Shikarganj pond.Panic as 8-foot-long gharial spotted again in Sidhi's Shikarganj pond.

Panic as 8-foot-long gharial spotted again in Sidhi's Shikarganj pond.

सीधी। जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम शिकारगंज में एक बार फिर उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय तालाब में एक विशालकाय जलीय जीव देखा गया। ग्रामीणों का दावा है कि तालाब में करीब 8 फीट लंबा घड़ियाल मौजूद है। इस खबर के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। हालांकि, वन विभाग की ओर से अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

बच्चे पर हमले का प्रयास, बाल-बाल बची जान

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 11 बजे तालाब के किनारे गए एक बच्चे पर इस जलीय जीव ने अचानक हमला करने की कोशिश की। वह तेजी से बच्चे की तरफ बढ़ा, लेकिन प्रत्यक्षदर्शी राजपाल सिंह ने बताया कि बच्चे ने सूझबूझ दिखाई और समय रहते वहां से भागकर अपनी जान बचाई। इस घटना के बाद से गांव के लोग तालाब की ओर जाने से कतरा रहे हैं।

महीने भर पहले भी हुआ था मगरमच्छ का रेस्क्यू

यह पहली बार नहीं है जब इस तालाब में कोई जलीय जीव मिला हो। करीब एक महीने पहले ही वन विभाग की टीम ने इसी तालाब से एक विशालकाय मगरमच्छ का सफल रेस्क्यू किया था, जो पिछले दो साल से वहीं रह रहा था। उस मगरमच्छ को पकड़कर सोन नदी में सुरक्षित छोड़ा गया था। अब मात्र एक महीने के भीतर दोबारा घड़ियाल दिखने से ग्रामीणों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं।

35 परिवारों की सुरक्षा दांव पर, रेस्क्यू की मांग

शिकारगंज तालाब के आसपास हरिजन और आदिवासी समुदाय के लगभग 35 परिवार निवास करते हैं। इन परिवारों की पानी और निस्तार जैसी दैनिक जरूरतें इसी तालाब से पूरी होती हैं। ऐसे में तालाब में हिंसक जलीय जीव की मौजूदगी से महिलाओं, बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग के आला अधिकारियों से मांग की है कि बिना किसी देरी के टीम भेजकर घड़ियाल का रेस्क्यू कराया जाए।

सोन नदी से दूरी पर उठे सवाल, वन विभाग करेगा जांच

भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो सोन नदी इस तालाब से करीब ढाई किलोमीटर दूर है। ऐसे में यह जलीय जीव इतनी दूरी तय करके घने रिहायशी इलाके के तालाब तक कैसे पहुंचा, यह कौतूहल और जांच का विषय बना हुआ है। इस संबंध में डीएफओ राजेश कन्ना ने बताया कि सूचना को गंभीरता से लिया जा रहा है। जल्द ही वन विभाग की एक रेस्क्यू टीम मौके पर भेजी जाएगी। यदि जांच में घड़ियाल या किसी अन्य जलीय जीव की पुष्टि होती है, तो उसे तुरंत पकड़कर सोन नदी में छोड़ दिया जाएगा।

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