रीवा। मूल्यों व सुचिता की राजनीति के प्रतीक थे पंडित जी, वे आलोचना व राजनीति का विद्वेष नहीं पालते थे- उनमें योग्यता, प्रतिभा, आचरण और व्यवहार से मिलकर योग्य व्यक्तित्व का निर्माण था। यह बाते कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में आयोजित पंडित शंभूनाथ शुक्ल स्मरण समारोह में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कही है। उन्होने कहा कि पंडित शुक्ल ने विंध्य को देश में दृढ़ता के साथ स्थापित करने का कार्य किया। उनके नेतृत्व से विंध्य क्षेत्र गौरवान्वित हुआ। उनके आदर्शों पर चलकर ही देश को विश्व गुरु बनाया जा सकता है।
राजनीति में सुचिता अतिआवश्यक
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में सुचिता अतिआवश्यक है। आदर्श पुरुषों को याद कर ही सही रास्ते पर चलने का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ी को अपने देश व अपने क्षेत्र के बारे में जानने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि देश में चारों स्तंभ अपनी भूमिका का निर्वहन कर देश की तस्वीर बदलने का कार्य कर रहे हैं।
पंडित शंभूनाथ शुक्ल का बहुआयामी व्यक्तित्व था
इस अवसर पर न्यायाधिपति वजय शुक्ला ने कहा कि पंडित शंभूनाथ शुक्ल का बहुआयामी व्यक्तित्व था, वे एकता के सूत्र में बांधने के पक्षधर थे। श्री शुक्ल ने कहा कि समाज में बदलाव लाने की जिम्मेदारी चौथे स्तंभ की है। उन्होंने देश के विकास में सभी से अपनी भूमिका का निर्वहन करने का आव्हान किया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर सांसद जनार्दन मिश्रा, विधायक गिरिश गौतम, आयोजन समिति के अध्यक्ष समीर शुक्ला, विधायक मनगवां इंजी.नरेंद्र प्रजापति, कुलगुरु राजेंद्र कुमार कुडरिया, संभागीय प्रभारी विजय दुबे, जिला भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता, पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी, श्रीमती सुधा सिंह, राजमाता मैहर कवितेश्वरी सिंह, अमरकांत शुक्ला सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।

