रीवा। धान उपार्जन केन्द्रों में बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। इस पर कंट्रोल करने के लिए रीवा प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है और सोहागी खरीदी केन्द्र के प्रभारी तथा डॉटा इन्ट्री आपरेटर पर एफआईआर दर्ज करवाया गया है।
जानकारी के तहत सोहागी में नायब तहसीलदार त्योंथर वीरेन्द्र द्विवेदी तथा जिला प्रबंधक सहकारी बैंक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय द्वारा 13 जनवरी को निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण में 5146.60 क्विंटल धान कंम पाई गई। इसे पोर्टल पर किसानों के खाते में तो दर्ज कर दिया गया था किन्तु खरीदी केन्द्र में धान नहीं पाई गई।
गायब हुई धान की कुल राशि एक करोड़ 18 लाख 37 हजार 502 रुपए है। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए। धान खरीदी में प्रथम दृष्टया खरीदी केन्द्र प्रभारी राजाबाबू यादव तथा डाटा एन्ट्री आपरेटर श्रीकांत मिश्रा दोषी पाए गए। इनके विरूद्ध थाना सोहागी में धारा 173 बीएनएसएस के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस द्वारा प्रकरण की विवेचना करके कार्यवाही की जा रही है।
रीवा में गायब हो गई 1 करोड़ 18 लाख रूपए की धान, कलेक्टर का एक्शन, एफआईआर दर्ज
