रीवा। विंध्य के सबसे बड़े चिकित्सालय, संजय गांधी स्मृति अस्पताल (SGMH) में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं आने वाले दिनों में चरमरा सकती हैं। अस्पताल के आउटसोर्स कर्मचारियों ने पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिलने और प्रबंधन की तानाशाही के खिलाफ सोमवार से तीन दिवसीय सांकेतिक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पीड़ित कर्मचारी अस्पताल की आवश्यक सेवाओं को बाधित किए बिना, हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले तीन दिनों के भीतर उनकी जायज मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो वे पूर्ण रूप से काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
पुलिस वेरिफिकेशन के नाम पर अड़ंगा, त्योहारों का पारिश्रमिक भी डकारा
प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन रोकने के लिए कंपनी के अधिकारियों द्वारा जानबूझकर नए-नए नियम थोपे जा रहे हैं। वर्तमान में अधिकारी नया पुलिस वेरिफिकेशन जमा होने के बाद ही वेतन जारी करने की बात कह रहे हैं, जबकि कर्मचारी पिछले दो वर्षों में दो बार अपना वेरिफिकेशन पहले ही जमा कर चुके हैं। इसके अलावा, कर्मचारियों ने कंपनी पर गंभीर शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रीय पर्वों पर की गई ड्यूटी का अतिरिक्त पारिश्रमिक भी अब तक नहीं दिया गया है, जिससे उनका आर्थिक गणित पूरी तरह बिगड़ गया है।
अधिकारियों की बेरुखी से बढ़ा आक्रोश, स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने की आशंका
विगत दो महीनों से मानदेय न मिलने के कारण इन गरीब आउटसोर्स कर्मचारियों के सामने परिवार का भरण-पोषण करने और बच्चों की फीस भरने जैसी गंभीर आर्थिक दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। कर्मचारियों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे डीन और अस्पताल अधीक्षक को लिखित शिकायत भी सौंप चुके हैं, लेकिन लंबे समय के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रबंधन की इसी बेरुखी के कारण कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। यदि यह गतिरोध जल्द नहीं सुलझा और कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर गए, तो संजय गांधी अस्पताल में आने वाले हजारों मरीजों को गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ सकता है।

