रीवा। रीवा के शासकीय श्यामशाह मेडिकल कॉलेज (SSMC) में कार्यरत सफाई और सुरक्षा कर्मचारियों के सब्र का बांध सोमवार को आखिरकार टूट गया। पिछले तीन महीनों से बकाया वेतन का भुगतान न होने से नाराज सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारियों ने एकजुट होकर कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वार पर जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। कर्मचारियों के इस उग्र विरोध के कारण परिसर में काफी देर तक गहमा-गहमी की स्थिति बनी रही।
चार दिन पहले मिला आश्वासन निकला खोखला
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि यह उनकी पहली शिकायत नहीं है। महज़ चार दिन पहले भी उन्होंने अपनी मांगों को लेकर कॉलेज के डीन का घेराव किया था। उस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने जल्द से जल्द बकाया वेतन भुगतान कराने का ठोस आश्वासन दिया था। हालांकि, निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी जब खाते में सैलरी नहीं आई, तो कर्मचारियों को मजबूरन एक बार फिर काम बंद कर सड़कों पर उतरने का रास्ता चुनना पड़ा।
कंपनी की लापरवाही बनी मुख्य वजह
मामले में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे संकट की असली वजह आउटसोर्सिंग एजेंसी की घोर लापरवाही है। बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा आउटसोर्सिंग कंपनी को बजट का भुगतान पहले ही जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद, संबंधित कंपनी मनमानी रवैया अपनाते हुए कर्मचारियों के बैंक खातों में महीनों से वेतन ट्रांसफर नहीं कर रही है, जिससे कर्मचारियों के सामने जीवन-यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
सफाई और सुरक्षा जैसी अनिवार्य सेवाओं से जुड़े इन आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि तीन महीने से वेतन न मिलने के कारण उनके घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। बच्चों की फीस से लेकर रोजमर्रा के राशन तक के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द उनके पूरे बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे काम पूरी तरह बंद कर उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी की होगी।

