Site iconSite icon SHABD SANCHI

SGMH रीवा में आउटसोर्स कर्मचारियों का फूटा गुस्सा: वेतन न मिलने पर डीन का घेराव, आंदोलन की चेतावनी

Outsourced employees' anger erupts at SGMH Rewa.Outsourced employees' anger erupts at SGMH Rewa.

Outsourced employees' anger erupts at SGMH Rewa.

रीवा: जिले के सबसे बड़े संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब वहां कार्यरत सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए। पिछले कई महीनों से वेतन न मिलने से परेशान करीब 1,230 आउटसोर्स कर्मचारियों ने लामबंद होकर दोपहर में मेडिकल कॉलेज के डीन का घेराव किया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों के इस अचानक हुए उग्र प्रदर्शन से अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया और व्यवस्थाएं चरमरा गईं।

महीनों से बकाया है वेतन, परिवार चलाने का संकट

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि आउटसोर्स एजेंसी द्वारा पिछले कई महीनों से उनके मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। नियमित रूप से ड्यूटी करने के बावजूद वेतन न मिलने से उनके सामने भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि घर का राशन, बच्चों की स्कूल फीस और रोजमर्रा के खर्चे पूरे करना अब उनके लिए नामुमकिन होता जा रहा है। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों ने सुध नहीं ली, तो उन्हें मजबूरन घेराव का रास्ता चुनना पड़ा।

अस्पताल परिसर में नारेबाजी, आंदोलन तेज करने का अल्टीमेटम

डीन कार्यालय के बाहर एकत्रित कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अस्पताल प्रशासन और आउटसोर्स एजेंसी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द उनके पूरे बकाये वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो वे अपने काम का पूरी तरह बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होगी।

स्वास्थ्य सेवाएं हुईं प्रभावित, प्रशासन ने दिया आश्वासन

अचानक हुए इस प्रदर्शन के कारण अस्पताल की नियमित स्वास्थ्य सेवाओं और सफाई व्यवस्था पर आंशिक असर देखने को मिला, जिससे मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित कर्मचारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया। अधिकारियों ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कि संबंधित आउटसोर्स एजेंसी से बात कर उनके वेतन की समस्या का शीघ्र ही स्थाई समाधान निकाला जाएगा।

Exit mobile version