रीवा। देश भर में चर्चित नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर रीवा अंचल में विरोध की आग तेजी से भड़क रही है। शनिवार को भीम आर्मी के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं और छात्रों ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
स्वामी विवेकानंद पार्क से कलेक्ट्रेट तक निकली हुंकार रैली
आंदोलन की शुरुआत में भीम आर्मी के सदस्य और प्रभावित छात्र शहर के स्वामी विवेकानंद पार्क में एकत्र हुए, जहाँ एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। सभा में पीड़ित छात्रों ने अपनी आपबीती और मानसिक पीड़ा को साझा किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने कॉलेज चौराहा, शिल्पी प्लाजा और स्वामी विवेकानंद पार्क मार्ग से होते हुए कलेक्टर कार्यालय तक एक विशाल आक्रोश रैली निकाली। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पारदर्शी व्यवस्था की मांग
सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की गई है। इसके साथ ही पेपर लीक गिरोह के सभी दोषियों पर त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई करने, तथा भविष्य में होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को पूर्णतः पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से आयोजित करने पर जोर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस द्वारा की गई अभद्रता की भी कड़े शब्दों में निंदा की और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
मऊगंज की दिवंगत छात्रा आकांक्षा के परिवार को इंसाफ दिलाने की गुहार
इसी बीच, नीट विवाद के कारण मऊगंज की होनहार छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी की आत्महत्या का मामला भी तूल पकड़ चुका है। मैहर से आए छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पीड़ित परिवार के लिए इंसाफ और मुआवजे की मांग की। परिजनों के अनुसार, वे कर्ज लेकर अपनी बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना देख रहे थे, लेकिन परीक्षा निरस्त होने से आहत होकर आकांक्षा ने एक भावुक पत्र लिखकर आत्मघाती कदम उठा लिया।
राहुल गांधी ने परिजनों से की बात, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
आकांक्षा की दुखद मृत्यु के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी उसके माता-पिता से फोन पर बात कर शोक संवेदना व्यक्त की थी। उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए न्याय की इस लड़ाई में साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया था। छात्रों ने प्रशासन से अपील की है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य छात्र को निराशा में ऐसा कदम न उठाना पड़े। भीम आर्मी और छात्र संगठनों ने एक स्वर में कहा है कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।

