Outcry over gas cylinder in Rewa: रीवा शहर में घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। शहर के कई गैस गोदामों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। अजगरहा स्थित गैस गोदाम में करीब एक किलोमीटर लंबी लाइन देखने को मिली, जहां सिलेंडर लेने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं मैदानी इलाके में भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए कतार में खड़े नजर आए। बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने शहर के विभिन्न एलपीजी गैस गोदामों में राजस्व और पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गोदामों में मौजूद रहकर गैस सिलेंडर की निकासी, वितरण और स्टॉक की लगातार निगरानी करें, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो और वितरण व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने भी इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए लोगों से अपील की है कि वे कालाबाजारी करने वाले दलालों के झांसे में न आएं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और कालाबाजारी की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि यदि कहीं भी गैस सिलेंडर की अवैध बिक्री या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार शहर के प्रमुख गैस गोदामों में अलग-अलग राजस्व और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। पवार इंडेन गैस गोदाम में तहसीलदार हुजूर विंध्या मिश्रा और थाना समान के निरीक्षक को जिम्मेदारी दी गई है। रीवा गैस सर्विस में नायब तहसीलदार दिलीप श्रीवास्तव और थाना चोरहटा के निरीक्षक निगरानी करेंगे। बिछिया इंडेन गैस गोदाम में नायब तहसीलदार तेजपति सिंह और थाना बिछिया के निरीक्षक को तैनात किया गया है। पॉपुलर इंडेन में तहसीलदार गुढ़ अरुण यादव और थाना विश्वविद्यालय के निरीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह पुष्कर गैस गोदाम में नायब तहसीलदार यतीश शुक्ला और थाना गोविंदगढ़ के निरीक्षक तथा वर्तिका गैस गोदाम में नायब तहसीलदार राजीव शुक्ला और थाना अमहिया के निरीक्षक को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
आदेश के अनुसार नियुक्त राजस्व अधिकारी प्रतिदिन सुबह 8 बजे से अपने-अपने गैस गोदामों में पांच कर्मचारियों के साथ मौजूद रहेंगे। वे गैस सिलेंडरों की आवक, निकासी और वितरण की निगरानी करेंगे तथा प्रतिदिन इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजेंगे। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली को व्यवस्थित करना और उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना है, ताकि शहर में किसी तरह की अफरा-तफरी की स्थिति न बने।
