ऑस्कर 2026 (98th Academy Awards) से भारत के लिए गुड न्यूज आई है। अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज (Academy of Motion Picture Arts and Sciences) ने रिमाइंडर लिस्ट ऑफ प्रोडक्शंस एलिजिबल जारी की, जिसमें चार भारतीय फिल्में बेस्ट पिक्चर (Best Picture) कैटेगरी की रेस में शामिल हैं। कुल 317 फीचर फिल्में योग्य हैं, लेकिन इनमें से 201 ही बेस्ट फिल्म के लिए अतिरिक्त शर्तें पूरी करती हैं। भारत की ये चार फिल्में इसी लिस्ट में हैं, जो भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहुंच को दिखाता है।
ऑस्कर 2026 में बेस्ट फिल्म कैटेगरी में शामिल भारतीय फिल्में:
Indian films in the Best Film category at Oscars 2026
- कांतारा: ए लीजेंड-चैप्टर 1 (Kantara: Chapter 1) – निर्देशक ऋषभ शेट्टी (Rishab Shetty)। मूल ‘कांतारा’ की सीक्वल, कन्नड़ भाषा की यह फिल्म एक्शन और मिथोलॉजी पर आधारित है।
- तन्वी द ग्रेट (Tanvi The Great) – निर्देशक अनुपम खेर (Anupam Kher)। यह अनुपम की डायरेक्टोरियल फिल्म है, जो 18 जुलाई 2025 को रिलीज हुई।
- महावतार नरसिम्हा (Mahavatar Narsimha) – मल्टी-लिंग्वल एनिमेटेड फिल्म।
- टूरिस्ट फैमिली (Tourist Family) – निर्देशक अभिशान जीविंथ (Abhishan Jeevinth), तमिल भाषा की फिल्म।
इसके अलावा, होमबाउंड (Homebound) – निर्देशक नीरज घायवान (Neeraj Ghaywan), जिसमें ईशान खट्टर (Ishaan Khatter) और जान्हवी कपूर (Janhvi Kapoor) मुख्य भूमिका में हैं – भारत की ऑफिशियल एंट्री है और बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में शॉर्टलिस्ट (टॉप 15) में पहुंच गई है। यह कांस फिल्म फेस्टिवल (Cannes Film Festival) में स्टैंडिंग ओवेशन पा चुकी है।
पिछले साल (ऑस्कर 2025) में 323 योग्य फिल्मों में सिर्फ 11 भारतीय फिल्में थीं। अब 2026 में चार फिल्में बेस्ट फिल्म रेस में और एक शॉर्टलिस्ट में होना भारत की विविधता (कन्नड़, तमिल, हिंदी, एनिमेशन) को हाइलाइट करता है। नॉमिनेशन 22 जनवरी को घोषित होंगे, जबकि अवॉर्ड सेरेमनी 15 मार्च 2026 को होगी।
बेस्ट फिल्म के लिए फिल्मों को अमेरिका के छह बड़े शहरों में कम से कम 7 दिन थिएटर रिलीज होना जरूरी है। साथ ही, अकादमी के इंक्लूजन स्टैंडर्ड्स (Inclusion Standards) में से कम से कम दो पूरे करने होते हैं। भारत से फिल्में इंडिपेंडेंटली सबमिट होती हैं, जबकि इंटरनेशनल कैटेगरी के लिए FFI (Film Federation of India) चुनती है।
यह लिस्ट नॉमिनेशन की गारंटी नहीं है, लेकिन भारत के लिए उम्मीदें बढ़ा रही है। पिछले साल ‘लापता लेडीज’ (Laapataa Ladies) शॉर्टलिस्ट तक नहीं पहुंची थी। अब भारतीय सिनेमा की वैश्विक ताकत दिख रही है!
