Operation Sindoor Swiss think tank Report: स्विट्जरलैंड के प्रमुख सैन्य थिंक टैंक ने ऑपरेशन सिन्दूर (Operation Sindoor) को लेकर बड़ा खुलासा किया है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 7 से 10 मई के बीच हुए ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान पाकिस्तान के आसमान में इंडियन एयर फोर्स मौत बनकर मंडरा रही थी. इसी वजह से पाकिस्तान ने अमेरिका के आगे अपनी जान की भीख मांगी और सीजफायर के लिए भारत से गुहार लगाई।
47 पन्नों की इस रिपोर्ट का नाम ‘Operation Sindoor: The India-Pakistan Air War (7–10 May 2025)’ है. जिसे स्विट्जरलैंड के Centre for Military History and Perspective Studies (CHPM) ने तैयार किया है. यह OP Sindoor पर बनी अबतक की सबसे डिटेल्ड रिपोर्ट है.
IAF को कहीं भी हमला करने की छूट
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि OP Sindoor के वक़्त शुरू से लेकर अंत तक इंडियन एयर फ़ोर्स (Indian Air Force) को पाकिस्तान पर गहरे हमले करने की पूरी आजादी थी जबकि इन हमलों की वजह से पाकिस्तानी एयर फ़ोर्स जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता खो चुका था. 10 मई की सुबह तक IAF ने ब्रह्मोस और SCALP-EG जैसी लंबी दूरी के सटीक हथियारों से पाकिस्तान के अंदर गहरे हमले किए. दूसरी ओर, पाकिस्तान के फॉरवर्ड रडार नष्ट हो चुके थे और भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम से उनके AWACS (हवाई चेतावनी प्लेटफॉर्म) को गंभीर खतरा था.
Rafale और Mirage ने मोर्चा संभाला
रिपोर्ट में बताया गया है कि 7 मई की रात को IAF ने दो स्ट्राइक की थी. Rafale और Mirage 2000 जैसे घातक फाइटर जेट्स ने जैश ए मोहम्मद के बहावलपुर और लश्कर ए तैयबा के मुरीदके हेडक्वाटर को तबाह कर डाला था. एक फॉर्मेशन ने कम ऊंचाई पर पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया और पॉप-अप अटैक किया, जिससे पाकिस्तान को जाल में फंसाने की कोशिश की गई.
इधर राफेल को टारगेट करने के लिए पाकिस्तान ने अपने 30 फाइटर जेट भेजे और PL-15 जैसी लॉन्ग रेंज मिसाइलें दागीं मगर उसके हमले निष्क्रीय हुए.
ऑपरेशन सिन्दूर में भारत के कितने विमान गिरे
पाकिस्तान ने यह दावा किया था कि उसने 6 भारतीय राफेल विमान गिराए मगर इस रिपोर्ट में सबूतों के आधार पर बताया गया है कि भारत को एक राफेल, एक मिराज और एक अन्य लड़ाकू विमान संभवतः मिग 29 या सुखोई 30 MKL का नुकसान हुआ.
पाकिस्तान के अटैक नाकाम
7 मई को पाकिस्तान की ओर से भारत पर ड्रोन अटैक हुआ, पहले फेज में पाकिस्तान ने 300 ड्रोन भेजे और दूसरे फेज में 600, इसके अलावा रॉकेट और बैलेस्टिक हथियार भेजे। इनके निशाने पर भारतीय एयरबेस, लॉजिस्टिक्स और वायु सुरक्षा सिस्टम थे. लेकिन भारत की Air Defence System ने इन हमलों को नाकाम कर दिया। . जैमिंग, स्पूफिंग और सेंसर फ्यूजन की मदद से 50% से ज्यादा ड्रोन एंटी-एयरक्राफ्ट गनों की मदद से ही गिरा दिए गए.
IAF के Integrated Air Command and Control System और भारतीय सेना के अकाशतीर नेटवर्क की सराहना की गई है. इनकी वजह से रडार को सिर्फ जरूरी समय के लिए सक्रिय किया गया, जिससे पाकिस्तान भारत की इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था को भेद नहीं सका.
तीसरा हमला भी फेल
9-10 मई 2025 की रात को पाकिस्तान की तरफ से सबसे बड़ा हमला किया गया. जिसके निशाने पर अदमपुर, श्रीनगर और कच्छ के एयरबेस और S-400 थे. मगर यह हमला नाकाम रहा. पाकिस्तान ने भारत का सुरक्षा कवच S-400 तबाह करने का दावा किया मगर इसका कोई सबूत नहीं मिला।
10 मई की सुबह 2 बजे से 5 बजे की बीच भारत ने लम्बी दूरी वाली मिसाइलें दागीं, जिसके निशाने पर पाकिस्तान ने एयरबेस रडार इंस्टॉलेशन और SAM बैटरी थे. में सुबह 10 बजे जमीन पर खड़े विमानों को निशाना बनाया गया. कई पाकिस्तानी एयर बेस बंद हो गए, रनवे में गड्ढे पड़ गए और हैंगर तबाह हुए.
ऑपरेशन सिन्दूर में पाकिस्तान को कितना नुकसान हुआ
इस रिपोर्ट के अनुसार भारत ने पाकिस्तान के 5 फाइटर जेट गिराए, 1 AWACS, 1 ट्रांसपोर्ट विमान, कई ड्रोन, रडार सिस्टम, कमांड सेंटर और 1 SAM बैटरी को तबाह कर दिया. पाकिस्तान ने एक एयरबेस पर कैजुअल्टी भी स्वीकार की थी.
10 मई 2025 की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने युद्धविराम की गुहार लगाई, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया था. रिपोर्ट में बताया गया कि भारत ने अपने राजनीतिक और सैन्य लक्ष्य हासिल किए. आतंकी ढांचों को तबाह किया, और पाकिस्तान की हवाई कार्रवाई को नाकाम करने में भी सफल रहा.

