OpenDoor Layoffs: अमेरिका की रियल एस्टेट टेक कंपनी OpenDoor ने भारत में अपने पूरे ऑपरेशन को बंद करने का फैसला लिया है। इस फैसले के साथ कंपनी ने करीम 250 कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया है। कंपनी के मुताबिक अब वह अपने कई सारे काम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम के जरिए करने वाली और कुछ भूमिकाओं को अमेरिका में शिफ्ट कर लेगी। इस फैसले ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में बदलते जॉब मार्केट को लेकर एक नई बहस शुरू कर दि है।
OpenDoor Layoffs का भारत में पूरा ऑपरेशन बंद
कंपनी ने अपने ऑफिशियल बयान में पुष्टि की है कि भारत में उसका ऑपरेशन बंद होने वाला है इसके कारण यह काम कर रही पूरी टीम प्रभावित होगी। कंपनी के अनुसार यह कदम उनके नए बिजनेस प्लैनिंग का एक हिस्सा है। जिसके तहत ऑपरेशन को अधिक आसान तेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संचालित बनाया जाएगा।
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कंपनी ने इसकी छंटनी की क्या वजह बताई?
OpenDoor के CEO मैं अपने बयान में कहा कि पिछले कुछ सालों में कंपनी ने अपने कई सिस्टम को एकीकृत कर लिया है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन की मदद से अब कहीं ऐसे काम कम कर्मचारियों के साथ भी किया जा सकते हैं। इसके अलावा कंपनी या भी चाहती है कि ग्राहक सेवाओं से जुड़ी प्रमुख भूमिकाएं अमेरिका में ही संचालित हो क्योंकि अधिकांश ग्राहक अमेरिका में ही मौजूद है।
इस से कर्मचारियों पर क्या होगा असर?
कंपनी के द्वारा लिए जाने वाले इस फैसले से करीब 250 भारतीय कर्मचारी प्रभावित होंगे। प्रभावित कर्मचारियों को सीवरेंस पैकेज कैरियर ट्रांजैक्शन सहायता और नई नौकरी तलाश करने में भी मदद मिलेगी। कुछ कर्मचारी ट्रांजैक्शन पूरा होने तक सीमित अवधि के लिए ही कंपनी के साथ काम करेंगे।
AI के दौर में क्या बदलता जा रहा है?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार या फैसला केवल लागत घटाने तक ही सीमित नहीं है बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमता कंपनियों को अपनी ऑपरेशन अधिक ऑटोमेटेड करने का मौका दे रही है। ऐसे में पारंपरिक बैंक ऑफिस प्रक्रिया आधारित नौकरियों पर दबाव बढ़ सकता है। जबकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नौकरियां डाटा क्लाउड और प्रोडक्ट इंजीनियरिंग जैसे स्किल की मांग लगातार बढ़ाने की भी संभावना बताई गई है।
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अभी क्या है कंपनी का आगे का आउटलुक
OpenDoor कंपनी का या कम दिखता है कि टेक्निकल कंपनियां अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपने बिजनेस मॉडल का जरूरी हिस्सा बनाये जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सभी नौकरियां की जगह नहीं ले पाएगा बल्कि काम करने का तरीका बदलेगा आने वाले समय में कंपनियां उन सभी कर्मचारियों को प्राथमिकता देगी जिसके पास नई तकनीक से काम करने की क्षमता मौजूद होगी।
यह आर्टिकल केवल समाचार और विश्लेषण के उद्देश्य से तैयार किया गया है इसे कैरियर या निवेश की सलाह के रूप में नहींसमझे।

