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रीवा में सिस्टम की संवेदनहीनता: वन स्टॉप सेंटर ने मदद के बजाय बच्ची को दुत्कारा, ‘पागल’ बताकर रात में गेट से भगाया

One stop center in Rewa scolded the girl instead of helping herOne stop center in Rewa scolded the girl instead of helping her

One stop center in Rewa scolded the girl instead of helping her

रीवा। जिले में महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाए गए ‘वन स्टॉप सेंटर’ की एक बड़ी और अमानवीय लापरवाही सामने आई है। बैकुंठपुर क्षेत्र में रविवार शाम लावारिस हालत में मिली एक 14 वर्षीय किशोरी को जब पुलिस सुरक्षा की दृष्टि से आश्रय दिलाने सेंटर लेकर पहुंची, तो वहां तैनात कर्मचारियों ने मानवता को ताक पर रखकर उसे अंदर लेने से साफ इनकार कर दिया। कर्मचारियों ने बच्ची को ‘मानसिक विक्षिप्त’ यानी पागल होने का ठप्पा लगा दिया और सेंटर का दरवाजा तक नहीं खोला।

यह मामला तब और गंभीर हो गया जब पुलिस को उस मासूम बच्ची के साथ सुरक्षित ठिकाने की तलाश में दर-दर भटकना पड़ा। जानकारी के अनुसार, अमहिया थाना क्षेत्र की रहने वाली यह बच्ची रविवार शाम करीब 4 बजे अचानक लापता हो गई थी। बरामदगी के बाद नियमतः उसे सुरक्षित आश्रय की जरूरत थी, लेकिन सुरक्षा केंद्र से मिली दुत्कार के कारण पुलिस की टीम रात भर परेशान होती रही। गनीमत यह रही कि रात करीब 12 बजे बच्ची के परिजनों का सुराग लग गया और उसे सुरक्षित उनके हवाले कर दिया गया।

परिजनों ने वन स्टॉप सेंटर के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए सेंटर की कार्यप्रणाली पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। परिजनों का कहना है कि उनकी बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और वह केवल स्वभाव से कम बोलती है, जिसे केंद्र के कर्मचारियों ने गलत तरीके से ‘पागल’ करार दे दिया। आधी रात को एक मासूम को सुरक्षा देने के बजाय सड़क पर छोड़ देने की इस घटना ने अब जिले के सुरक्षा केंद्रों की नैतिकता और उनकी जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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