Republic Day 2026 : 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर, दिल्ली के कर्तव्य पथ पर ‘नए भारत’ की सैन्य शक्ति और स्वदेशी तकनीक देखने को मिली। इस साल की परेड न सिर्फ़ वीरता का प्रदर्शन थी, बल्कि दुनिया को एक मज़बूत संदेश भी था। ‘वंदे मातरम’ की थीम पर आधारित इस समारोह में भारतीय सेना, वायु सेना और DRDO ने अपने सबसे घातक हथियारों का प्रदर्शन किया, जिससे दुश्मनों की रूह कांप गई।
स्वदेशी तकनीक और ‘मेक इन इंडिया’ का दबदबा।
परेड में भारत की आत्मनिर्भरता साफ़ तौर पर दिखी। पहली बार, स्वदेशी रूप से डिज़ाइन किया गया हाई मोबिलिटी रिकोनिसेंस व्हीकल (HMRV) दिखाया गया। महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स द्वारा विकसित यह वाहन रडार और एंटी-ड्रोन गन से लैस है, जो दुश्मन की गश्ती दल और बख्तरबंद लक्ष्यों को नष्ट करने में सक्षम है। सेना ने T-90 भीष्म, अर्जुन MK टैंक और नाग मिसाइल सिस्टम के साथ अपनी ज़मीनी ताकत का भी प्रदर्शन किया।
हाइपरसोनिक युग में भारत की एंट्री। Republic Day 2026
इस साल का मुख्य आकर्षण DRDO द्वारा विकसित लॉन्ग-रेंज एंटी-शिप मिसाइल (LR-ASHM) थी। यह एक हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल है जो 1500 किलोमीटर तक के लक्ष्यों पर सटीकता से हमला करने में सक्षम है। इस सफल प्रदर्शन के साथ, भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों के ‘एलीट क्लब’ में शामिल हो गया है जिनके पास हाइपरसोनिक मिसाइल क्षमताएं हैं। इसके अलावा, ‘दिव्यास्त्र’ और ‘शक्तिबाण’ जैसे अत्याधुनिक ड्रोन सिस्टम ने भविष्य के युद्ध के लिए भारत की तैयारी को दिखाया।
आसमान में वीरता और ऑपरेशन सिंदूर का संदेश। Republic Day 2026
वायु सेना के राफेल और सुखोई विमानों की गर्जना आसमान में गूंज उठी। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की याद दिलाते हुए, वायु सेना के हेलीकॉप्टर तिरंगे और सेना के झंडे के साथ उड़े। कर्तव्य पथ पर ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों का प्रदर्शन सीमा पार दुश्मनों के लिए एक सीधी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। परेड की झांकियों ने ‘समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को जीवंत कर दिया।
