MP News: गणतंत्र दिवस के मौके पर नरसिंहपुर जिले के एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय में गाए गए एक गीत ने विवाद खड़ा कर दिया, जिसके बाद वीडियो के सोशल मीडिया पर फैलते ही अधिकारियों ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
MP News in Hindi: 26 जनवरी को तेंदूखेड़ा विकासखंड के जमूनपानी (या जमूपानी) शासकीय प्राथमिक शाला में गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने पांच अलग-अलग गीतों की धुन पर ऐसे बोल गाए, जो महात्मा गांधी के प्रति आपत्तिजनक और राष्ट्रपिता की गरिमा के खिलाफ माने जा रहे हैं। यह प्रस्तुति पूरी तरह गणतंत्र दिवस की भावना के विपरीत थी। जैसे ही कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि शैक्षणिक संस्थान में ऐसी अनुचित प्रस्तुति कैसे संभव हुई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
स्कूल की स्थिति और कार्यक्रम में ग्रामीणों की मौजूदगी
यह प्राथमिक विद्यालय काफी छोटा है, जहां कुल 45 विद्यार्थी पढ़ते हैं और केवल दो शिक्षक तैनात हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गणतंत्र दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में गांववासी कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी दौरान बच्चों ने मंच पर जाकर यह विवादित गीत प्रस्तुत किया।
प्रधानाध्यापक ने लगाई सफाई
विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिनेश ठाकुर ने सफाई देते हुए कहा कि इस गीत की कोई आधिकारिक तैयारी या रिहर्सल स्कूल की ओर से नहीं कराई गई थी। घटना के समय वे कार्यक्रम स्थल पर मौजूद नहीं थे, क्योंकि वे दूसरी कक्षा में बच्चों को अनुशासित करने गए हुए थे। उनके अनुसार, बच्चों ने ग्रामीणों के कहने पर यह गीत गा दिया और उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि मंच पर ऐसे आपत्तिजनक शब्द बोले जाएंगे। हालांकि, इस सफाई पर सवाल उठ रहे हैं कि राष्ट्रीय पर्व के दौरान मंचीय प्रस्तुतियों की निगरानी और जिम्मेदारी शिक्षकों की होती है, फिर बिना पर्यवेक्षण के बच्चों को मंच पर कैसे जाने दिया गया।
प्रशासन हरकत में, जांच दल गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर रजनी सिंह ने तुरंत जांच के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की ओर से एक जांच दल गठित किया गया, जिसने मौके पर पहुंचकर तथ्यों की पड़ताल शुरू कर दी है। जांच अधिकारियों ने प्रारंभिक रूप से स्वीकार किया है कि गीत में प्रयुक्त शब्द अत्यंत अनुचित और आपत्तिजनक हैं। विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है और अंतिम निर्णय कलेक्टर स्तर पर लिया जाएगा। चूंकि प्रस्तुति देने वाले छात्र नाबालिग हैं, इसलिए उनके बयान औपचारिक रूप से दर्ज नहीं किए गए हैं।

