O Romeo Review में फिल्म को लेकर बिल्कुल मिली हुई एक प्रतिक्रिया फैंस के द्वारा सामने आ रही है। लंबे समय के बाद शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की जोड़ी एक बड़े पर्दे पर लौटी हुई देखी गई है। लेकिन फिल्म के रिएक्शन के अनुसार यह फिल्म उनकी पिछली सफल फिल्मों जैसा असर छोड़ने में सफल नहीं दिख रही है।
O Romeo Review: कहानी में दिखी भटकाव की समस्या
इस फिल्म की कहानी एक गैंगस्टर और प्रेम की टकराव पर आधारित कहानी है जिसकी शुरुआत में किरदारों की एंट्री और माहौल एकदम प्रभावशाली तरीके से होता है लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती जाती है कहानी में असंतुलन दिखता है। रोमांस, बदला और अपराध इन तीनों तत्वों की मौजूदगी इस कहानी की दिशा में एक मजबूती से टिक नहीं पा रही है। यही वजह है कि देखने वाले लोग इस फिल्म से इमोशनली रूप से जोड़ नहीं पा रहे हैं।
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O Romeo Review में शाहिद कपूर की एक्टिंग पर क्या राय?
अगर इस फिल्म के रिव्यू पर शाहिद कपूर के प्रदर्शन के बारे में बात की जाए तो इनका प्रदर्शन दमदार दिख रहा है। शाहिद कपूर एक हिंसक और जटिल किरदार में नजर आ रहे हैं जिसमें उन्होंने अपनी एनर्जी को बरकरार रखा है। हालांकि कुछ फैंस का ऐसा मानना है कि किरदार की इमोशनल यात्रा को और भी गहराई से बढ़ाया जा सकता है इससे उनके एक्टिंग का प्रभाव और भी मजबूत हो सकता था।
सहायक कलाकारों की मौजूदगी, लेकिन सीमित प्रभाव
इस फिल्म में तृप्ति समेत अन्य कई सारे प्रतिभाशाली कलाकार नजर आते दिख रहे हैं। उनके अलावा अन्य कलाकारों ने भी इस फिल्म में अहम भूमिका निभाई है लेकिन लेखन की कमजोरी के कारण उनके किरदार पूरी तरह से इस फिल्म में उभर नहीं पाए हैं। स्क्रीन पर मजबूत उपस्थिति होने के बावजूद कई सारे कैरेक्टर कहानी में ही सीमित हो गए हैं।
‘Haider’ और ‘Kaminey’ से तुलना क्यों?
हैदर और कमीनी जैसी फिल्मों हिंदी शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की फिल्मों की जोड़ी को एक अलग पहचान दी थी। उन फिल्मों में कहानी म्यूजिक और इमोशनल गहराई का संतुलन बखूबी देखने को मिल रहा था लेकिन O Romeo Review मैं यह बात सामने आई है की नई फिल्म उसे लेवल तक नहीं पहुंच पाई है इस फिल्म से अपेक्षाएं तो अधिक थी लेकिन नतीजा उम्मीद की अनुसार नहीं है।
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तकनीकी पक्ष और निर्देशन
इस फिल्म के निर्देशन की बात की जाए तो फिल्म का विजुअल और सेनेटोमैटोग्राफी काबिले तारीफ है इसका सीन भी काफी आकर्षक सा दिखता है। हालांकि लंबा रनटाइम और कुछ धीमी हिस्से इस फिल्म की गति को प्रभावित करते दिख रहे हैं लेकिन फ्फैंस का कहना है कि बेहतर कन्वर्सेशन से फिल्म को और भी प्रभावशाली बनाया जा सकता था। कुल मिलाकर, O Romeo Review के आधार पर कहा जा सकता है कि फिल्म में संभावनाएं तो मौजूद दिख रही है लेकिन इमोशनली रूप से फिल्म में मजबूती नहीं मिली है शाहिद कपूर की एक्टिंग भी काफी बेहतरीन है।

