NTA facial biometric checks को 2026 से सभी प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं में लागू करने की तैयारी है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का उद्देश्य परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा रोकना और उम्मीदवारों की पहचान को हर स्तर पर पुख्ता बनाना है। इस व्यवस्था की शुरुआत जनवरी 2026 में होने वाली JEE Main परीक्षा से होगी।
NTA facial biometric checks के तहत क्या बदलेगा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी National Testing Agency (NTA) अब परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी निगरानी को और सख्त करने जा रही है। नई व्यवस्था के तहत उम्मीदवारों की पहचान के लिए फेस बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन किया जाएगा। इसके साथ ही आवेदन भरते समय लाइव फोटोग्राफी भी अनिवार्य होगी।
NTA का मानना है कि इससे किसी और की जगह परीक्षा देने जैसी अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगेगी। पहचान सत्यापन को कई चरणों में जोड़ा जाएगा, ताकि हर स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे।
फेस बायोमेट्रिक तकनीक कैसे काम करेगी
फेस बायोमेट्रिक प्रणाली उम्मीदवार के चेहरे की विशेषताओं के आधार पर पहचान करती है। इसमें आंखों की दूरी, चेहरे की बनावट और अन्य विशिष्ट पैटर्न का विश्लेषण किया जाता है। यह डेटा पहले से उपलब्ध रिकॉर्ड से मिलान किया जाता है।
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम का उपयोग होता है, जिससे रीयल-टाइम सत्यापन संभव हो पाता है। इससे परीक्षा केंद्र पर पहचान से जुड़ी गड़बड़ियों की संभावना कम होती है।
लाइव फोटो का उद्देश्य क्या है
NTA facial biometric checks के साथ लाइव फोटोग्राफी को भी जोड़ा गया है। ऑनलाइन आवेदन के दौरान उम्मीदवार की तत्काल फोटो ली जाएगी। यह फोटो बाद के चरणों में परीक्षा केंद्र पर ली गई छवि से मिलाई जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य आवेदन और परीक्षा के बीच किसी भी तरह की पहचान बदलने की कोशिश को रोकना है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम दलालों और संगठित नकल गिरोहों के खिलाफ सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ेगा।
सबसे पहले JEE Main में लागू होगी व्यवस्था
नई प्रणाली की शुरुआत JEE Main से की जाएगी। JEE Main 2026 का आयोजन 21 जनवरी से 30 जनवरी के बीच प्रस्तावित है। NTA इस परीक्षा को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में देख रही है।
इसके बाद धीरे-धीरे अन्य बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में भी इसे लागू किया जाएगा। इनमें NEET-UG और CUET शामिल हो सकती हैं।
यह फैसला क्यों जरूरी माना गया
पिछले कुछ वर्षों में प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। खासकर NEET-UG 2024 के दौरान कथित गड़बड़ियों के बाद परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठे। इसके बाद सरकार ने व्यापक सुधारों पर विचार शुरू किया।
इसी संदर्भ में परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तकनीक आधारित उपायों को जरूरी माना गया। NTA facial biometric checks उसी दिशा में एक अहम कदम है।
राधाकृष्णन समिति की सिफारिशें
परीक्षा सुधारों के लिए गठित Radhakrishnan Committee ने डिजिटल और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली पर जोर दिया था। इस समिति का नेतृत्व पूर्व ISRO प्रमुख R. Radhakrishnan ने किया।
समिति ने सुझाव दिया था कि पहचान सत्यापन को पंजीकरण, परीक्षा केंद्र, काउंसलिंग और प्रवेश तक कई स्तरों पर लागू किया जाए। NTA की नई योजना इन्हीं सिफारिशों के अनुरूप मानी जा रही है।
छात्रों और अभिभावकों पर क्या असर पड़ेगा
नई व्यवस्था से छात्रों को परीक्षा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। सही कैमरा, स्पष्ट चेहरा और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन जरूरी होगा। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया सरल और समयबद्ध रखी जाएगी।
अभिभावकों और छात्रों के लिए सकारात्मक पहलू यह है कि निष्पक्षता बढ़ेगी और योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय की संभावना कम होगी।

आगे की योजना
NTA आने वाले महीनों में तकनीकी ढांचे और परीक्षा केंद्रों की तैयारियों पर काम करेगा। इसके साथ ही उम्मीदवारों के लिए दिशा-निर्देश और डेमो प्रक्रिया भी साझा की जा सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह व्यवस्था प्रभावी रहती है तो भारत की प्रवेश परीक्षा प्रणाली में बड़ा संरचनात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।
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