बाजार न्यूज। देश वासियों को अब मंहगाई की मार पड़ने वाली है, क्योकि भारत में 1 अप्रैल से रोजमर्रा की चीजें जैसे ब्रेड, बिस्किट, जूते-चप्पल, सर्फ और प्लास्टिक उत्पाद महंगे होने जा रहे हैं। कंपनियां नए रेट लागू करेंगी। जो बिस्किट 5 रूपए में मिलता है वह 6 रुपए में, ब्रेड 30 वाली ब्रेड 35 रुपए, चप्पल 100 से 120 रुपए और 1 किलो सर्फ 15-20 रुपए महंगा होगा। इतना ही नही कंपनियां मार्जिन बचाने के लिए कीमत बढ़ाने के साथ पैकेट का वजन भी घटा रही हैं। 1 रुपए की चॉकलेट का दाम बढ़ाने के बजाय उसका वजन 10 ग्राम से घटाकर 7-8 ग्राम किया जा रहा है।
इस लिए बढ़ रही मंहगाई
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव, खासकर मध्य पूर्व क्षेत्र में हालात खराब होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। कच्चे तेल से बनने वाले पेट्रोकेमिकल उत्पाद महंगे हो गए हैं। यही उत्पाद प्लास्टिक, पैकेजिंग, डिटर्जेंट और फुटवियर इंडस्ट्री में इस्तेमाल होते हैं। सप्लाई चेन में रुकावट के कारण कच्चे माल की उपलब्धता भी कम हो गई है। पहले जहां कंपनियों को जरूरत के अनुसार सामग्री मिल जाती थी, अब उन्हें कम सप्लाई मिल रही है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ गई है।
युद्ध का असर
ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध का असर आम जनता पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से पेट्रोकेमिकल बायप्रोडक्ट महंगे हुए हैं। सप्लाई चेन बाधित होने से रॉ मटेरियल की कमी है। विशषेज्ञों का कहना है कि यदि युद्ध विराम हो भी जाता है तो भी बाजार को सुधरने में 8 से 10 महीनों का समय लग सकता है। ऐसी स्थित में अब आम जन मानस पर अब तगड़ी मंहगाई की मार पड़ने जा रही है और इससे दैनिक जरूरतों पर उसे अब आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

