रीवा। भीषण गर्मी की दस्तक के बीच रीवा शहर के आम आदमी की जेब पर एक और बोझ बढ़ गया है। रीवा जल वितरण संघ ने पीने के साफ पानी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। अब शहरवासियों को 20 लीटर वाले एक जार के लिए 40 रुपये चुकाने होंगे, जो पहले 25 से 30 रुपये में उपलब्ध था।
क्यों बढ़ीं कीमतें?
रीवा जल वितरण संघ की हालिया बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। वितरकों का तर्क है कि पिछले काफी समय से वे पुराने दामों पर ही पानी की सप्लाई कर रहे थे, लेकिन अब घाटा सहना मुमकिन नहीं है। कीमतों में वृद्धि के पीछे मुख्य कारण ईंधन की बढ़ती लागत है। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों ने परिवहन खर्च (Transportation Cost) को काफी बढ़ गया है। साथ ही बिजली बिल और वाटर प्यूरीफिकेशन प्लांट के रखरखाव के खर्च में भारी इजाफा हुआ है। इसके अलावा खाली जार, कैप, सीलिंग मटेरियल और लेबर कॉस्ट बढ़ने से लागत पर सीधा असर पड़ा है।
उपभोक्ताओं पर पड़ेगा सीधा असर
रीवा शहर में हजारों परिवार, ऑफिस, दुकानें और कोचिंग संस्थान पूरी तरह से इन पानी के जारों पर निर्भर हैं। गर्मी के मौसम में पानी की खपत बढ़ जाती है, ऐसे में अचानक हुई 33% से अधिक की यह बढ़ोतरी मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों का मासिक बजट बिगाड़ देगी।
तत्काल प्रभाव से लागू हुईं दरें
संघ ने स्पष्ट किया है कि नई दरें पूरे रीवा शहर में तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। सभी वितरकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संशोधित दरों पर ही पानी की सप्लाई करें।

