शेयर बाजार में आज Nifty Fall होने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई। प्रमुख इंडेक्स में करीब एक फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, आईटी और वित्तीय शेयरों में बिकवाली होने के कारण यह दबाव भी बना हुआ है। वैश्विक संकेतों की कमजोरी ने भी घरेलू बाजार की चाल पर भी असर डाला हुआ है।
IT सेक्टर की गिरावट बनी बड़ी वजह
आज की गिरावट में आईटी शेयरों की भूमिका बहुत जरूरी रही है। आईटी इंडेक्स में तेज कमजोरी भी देखी गई है, जिससे मुख्य सूचकांक पर इसका सीधा असर पड़ता दिखा है। भारतीय आईटी कंपनियों का बड़ा कारोबार अमेरिका से जुड़ा हुआ है। ऐसे में अमेरिकी टेक शेयरों में गिरावट का प्रभाव भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया है। बड़े आईटी शेयरों में बिकवाली से इसके इंडेक्स पर दबाव बढ़ता दिखा है और बाजार नीचे फिसल गया है।
ये भी पढ़े : Nifty fall
वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों ने घरेलू निवेशक का मनोबल कमजोर किया है। अमेरिकी बाजार विशेषकर टेक आधारित सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई थी। एशियाई बाजारों में भी इसका एक मिश्रित रुख रहा है। विशेषज्ञों का ऐसा कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में विदेशी निवेशकों की सतर्कता बढ़ जाती है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखता है।
बैंकिंग और वित्तीय शेयरों ने नहीं दिया सहारा
आईटी के अलावा बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में भी खास मजबूती नहीं दिखी है। यह सेक्टर बाजार में सबसे ज्यादा मजबूत रहता है। जब इस वर्ग के शेयर स्थिर या कमजोर हुए रहते हैं तो इंडेक्स को थोड़ा सा भी सहारा नहीं मिल पाता है। आज भी यही स्थिति हमें देखने को मिली, जिससे गिरावट और ज्यादा गहरी हो गई।
अन्य सेक्टरों में भी रही दबाव की स्थिति
मेटल, रियल्टी और ऑयल एंड गैस जैसे सेक्टरों में भी सीमित कमजोरी देखी गई है। हालांकि गिरावट बहुत बड़ी नहीं हुई थी, लेकिन व्यापक स्तर पर बिकवाली से इसका माहौल बना रहा है। विश्लेषकों का ऐसा मानना है कि यह गिरावट घबराहट से ज्यादा सेक्टोरल कमजोरी का परिणाम है।
ये भी पढ़े : Sensex हुआ धड़ाम! 1066 अंक गिरा, निवेशकों के लाखों करोड़ स्वाहा? जानें डिटेल
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार के जानकार का कहना है कि मौजूदा Nifty Fall को दीर्घकालिक निवेशकों को संतुलित नजरिए से ही देखना चाहिए। जब बड़े सेक्टरों में अस्थायी दबाव आ जाता है तो इंडेक्स पर असर स्वाभाविक हो जाता है। फिलहाल वैश्विक संकेत और सेक्टोरल प्रदर्शन पर नजर रखना भी जरूरी है। कुल मिलाकर, आज की गिरावट बाजार की संरचना और वैश्विक माहौल से जुड़ी रही है न कि किसी एक बड़ी घरेलू नकारात्मक खबर से जुड़ी।

