नई दिल्ली। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण को लेकर जमकर विरोध हुआ। जैसे ही नेतन्याहू मंच पर पहुंचे, कई देशों के प्रतिनिधि सदन से बाहर निकल गए। कुछ प्रतिनिधियों की ओर से हूटिंग भी की गई। हालांकि, 75 देशों के वॉकआउट की कोई आधिकारिक सूची सामने नहीं आई है। उपलब्ध रिपोर्टों में दर्जनों देशों के प्रतिनिधियों के सदन से बाहर जाने की बात कही गई है।
नेतन्याहू के भाषण की शुरुआत में ही बड़ी संख्या में सीटें खाली नजर आईं। इसके बाद उन्होंने मंच से वॉकआउट करने वाले प्रतिनिधियों पर निशाना साधा और बचे हुए प्रतिनिधियों से कहा कि अगर कोई और भी बाहर जाना चाहता है तो वह जा सकता है।
गाजा को लेकर नेतन्याहू ने क्या कहा
भाषण के दौरान नेतन्याहू ने गाजा में इजराइल की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने गाजा में नरसंहार के आरोपों को खारिज करते हुए इसे “सदी का सबसे बड़ा झूठ” बताया। नेतन्याहू का कहना था कि इजराइल किसी का नरसंहार नहीं कर रहा, बल्कि अपने बचाव में कार्रवाई कर रहा है। ये इजराइली प्रधानमंत्री का दावा है, जबकि इजराइल पर गाजा में युद्ध अपराध और नरसंहार के आरोप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठते रहे हैं।
नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 के हमास के हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस हमले में करीब 1,200 लोगों की मौत हुई और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था। उन्होंने इस हमले की तुलना अमेरिका में हुए 9/11 हमले से भी की।
ईरान के खिलाफ कार्रवाई का भी किया बचाव
नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ इजराइल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ हमला करने का फैसला प्रधानमंत्री के रूप में उनके लिए सबसे आसान फैसलों में से एक था।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी धन्यवाद किया। नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल और अमेरिका ने साथ मिलकर कार्रवाई की और ट्रंप के साथ मिलकर क्षेत्र और दुनिया की सुरक्षा के लिए काम करने की बात कही।
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर भी निशाना
नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर भी हमला बोला। ममदानी पहले नेतन्याहू को “वॉर क्रिमिनल” बता चुके हैं और उनके न्यूयॉर्क आने का विरोध कर चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर उनके पास अधिकार होता तो वह अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के वारंट को लागू करने की कोशिश करते।
नेतन्याहू ने ममदानी पर आरोप लगाया कि उनके मेयर बनने के बाद न्यूयॉर्क में कई यहूदी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ममदानी ने नेतन्याहू के इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं।
नेतन्याहू का यह भाषण ऐसे समय हुआ है जब गाजा युद्ध को लेकर इजराइल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना जारी है। उनके भाषण के दौरान हुआ वॉकआउट भी इसी व्यापक विरोध की पृष्ठभूमि में देखा गया।

