सिंगरौली। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में करोड़ों की हुई बैंक डकैती की परते खुलने लगी है। 17 अप्रैल को बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई डकैती का कोई एक दिन का प्लान नही बल्कि आरोपी मुख्यायल से 35 किलो मीटर दूर मोरवा में किराए का कमरा लेकर तकरीबन एक महीने से इसकी तैयारी किए थे। बैंक डकैती के तार नेपाल से जुड़ रहे है, हांलाकि अभी पुलिस अधिकारियों की ओर से बैंक डकैती मामले की सच्चाई को अधिकारिक रूप से स्पष्ठ नही किया गया है।
नेपाल से चल रहा था काम
पुलिस जांच में पता चला है कि नेपाल में बैठा शख्स पांचों आरोपियों को हैंडल कर रहा था। वारदात के वक्त इंटरनेट कॉलिंग के जरिए संपर्क में था। आरोपियों ने सिंगरौली जिले में रहकर करीब एक महीने तक बैंक की रेकी भी की थी।
बिहार, झारखंड के है आरोपी
बैंक डकैती मामले में पकड़ा गया आरोपी कमलेश कुमार पुलिस रिमांड पर है। मुख्य आरोपी फंटूश उर्फ ननकी बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है, जबकि आरोपी राजेश कुमार झारखंड के गिरिडीह और चौथा आरोपी पंकज शर्मा पश्चिमी सिंहभूम जिले का रहने वाला है। इस घटना 19 साल के छोटू समेत 5 लोगो ने मिलकर अंजाम दिए थें। सिंगरौली में घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बिहार पहुच गए थे। पांचों आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस अधिकारियों ने पुलिस की 10 टीमें बनाई थी और पुलिस की मेहनत रंग लाई। जिससे इस घटना के आरोपी सलाखों के पीछे पहुच गए।
18 से 22 साल के युवा रहे शामिल
बैंक में डकैती डालने वाले आरोपियों की उम्र 18 से 22 साल के बीच बताई जा रही है। इतना ही नही वे पेशेवर बदमाश है। बताया जाता है कि आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद या तो वे जेल में या फिर दूसरे वारदात की तैयारी में लग जाते थें। वे अपने घर नही जाते है।
मुख्य बातें
- इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल: आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए सामान्य कॉल या सोशल मीडिया के बजाय एन्क्रिप्टेड इंटरनेट कॉलिंग के जरिए नेपाल में बैठे अपने आका के संपर्क में थे। वारदात के समय भी वे उसी से निर्देश ले रहे थे।
- मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी: इस डकैती का मुख्य आरोपी कमलेश कुमार (बिहार के नालंदा का निवासी) को बिहार के औरंगाबाद जिले के नबीनगर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से लगभग ₹15.22 लाख नकद और कुछ सोने के जेवर बरामद हुए हैं।
- एक महीने की रेकी: आरोपियों ने सिंगरौली के मोरवा क्षेत्र में मजदूर बनकर एक कमरा किराए पर लिया था। वे लगभग एक महीने तक रोजाना बैंक की रेकी करते थे ताकि सुरक्षा और बैंक की गतिविधियों को समझ सकें।
बिहार और झारखंड के आरोपियों की भूमिका
पुलिस ने इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली है, जो मुख्य रूप से बिहार और झारखंड से ताल्लुक रखते हैं:
- फंटूश उर्फ ननकी: बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला, जो मुख्य आरोपियों में से एक है।
- राजेश कुमार: झारखंड के गिरिडीह जिले का निवासी।
- पंकज शर्मा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले का निवासी।
- छोटू: 19 वर्षीय पांचवां आरोपी, जिसके स्थायी पते की जांच की जा रही है।
वारदात का विवरण
- लूट की राशि: बदमाशों ने बैंक से लगभग ₹20 लाख नकद और करीब ₹15 करोड़ मूल्य के सोने के जेवर (जो ग्राहकों ने गोल्ड लोन के लिए रखे थे) लूटे थे।
- पुलिस की कार्रवाई: मध्यप्रदेश पुलिस की 10 विशेष टीमें बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में छापेमारी कर रही हैं। फरार आरोपियों पर ₹50,000 का इनाम घोषित किया गया है।

