नईदिल्ली। शुक्रवार को सरकार और सीजेपी के बीच समझौता वार्ता आयोजित की गई। तकरीबन 45 मिनट चली इस वार्ता में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सरकार का प्रतिनिधित्व किया, जबकि सीजेपी की तरफ से आशुतोष रांका और सौरव दास वार्ता में शामिल हुए। जिसमें नीट पेपर लीक एवं आंदोलन को लेकर चर्चा की गई हैं। यह समझौता वार्ता वीपी हाउस में आयोजित की गई। यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थें। ज्ञात हो कि यह वार्ता पहले कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित होनी थी, लेकिन सुरक्षा कारणों को चलते वार्ता का स्थान बाद में बदल दिया गया।
शिक्षा मंत्री के स्तीफे पर सीजेपी कायम
वार्ता पूरी होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास ने मीडिया को जानकारी देते हुए पार्टी का रूख स्पष्ट कर दिए है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होने बताया कि सरकार ने दो मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है और अंतिम निर्णय के लिए शनिवार तक का समय मांगा है। सीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार उनकी मांगो को मानेगी तो ठीक नही देश व्यापी आंदोलन करने के लिए पार्टी मजबूर होगी।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया, ‘दो घंटे की बातचीत में सीजेपी ने सरकार के सामने 3 प्रमुख मांगें और परीक्षा प्रणाली में सुधार के 5 सुझाव रखे हैं। हमनें ने इस पर विचार करने के लिए कल तक का समय मांगा है।’
क्या फिर निकलेगा जुलूश
समझौता वार्ता के बाद जिस तरह से सीजेपी के लोगो का रूख सामने आ रहा है। उससे माना जा रहा है कि सरकार ने मांगे मान ली तो ठीक है नही तो सीजेपी 20 जुलाई के आंदोलन को दोहरा सकती है, यानि की सोमवार को एक बार फिर आदोलन कारी जंतर-मंतर से कूच कर सकते है।

