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NEET Paper Leak : सीकर के इस टीचर की ईमानदारी से खुला देश का बड़ा एजुकेशन स्कैम, रात भर जागकर की जाँच 

CBI headquarters building in New Delhi representing NEET UG 2026 Paper Leak Case investigation.CBI headquarters building in New Delhi representing NEET UG 2026 Paper Leak Case investigation.

CBI Investigates NTA Source in NEET Paper Leak

NEET Paper Leak : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 का पेपर लीक मामला अचानक एक बड़े घोटाले की तस्वीर बन गया। लेकिन इसकी खोज किसी जांच एजेंसी ने नहीं, बल्कि राजस्थान के सीकर में पढ़ाने वाले एक ईमानदार केमिस्ट्री शिक्षक ने की।  

शिक्षक ने संदिग्ध पीडीएफ से शुरू की जाँच 

3 मई को NEET-UG परीक्षा खत्म होने के बाद, जब लाखों छात्र अपने परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, उसी शाम सीकर का यह शिक्षक अपने घर लौट रहा था। तभी उसके मकान मालिक ने उसे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक संदिग्ध पीडीएफ दिखाई।  उस शिक्षक ने जैसे ही पीडीएफ को देखा, सवाल अपने आप ही परिचित लगे। उन्होंने तुरंत उसे असली NEET पेपर से मिलान किया। इसमें बायोलॉजी के सवाल भी थे, जो बहुत ही मिलते-जुलते थे। इस पूरे मिलान के बाद शक गहराने लगा।  

शिक्षक ने रातभर जागकर मामले की जांच की

शिक्षक ने तुरंत अपने एक साथी बायोलॉजी शिक्षक को फोन किया और दोनों ने पूरी रात जागकर सवालों का क्रम, उत्तर और सवालों की समानता का परीक्षण किया। आधी रात तक उन्हें पूरा यकीन हो गया कि पेपर लीक हुआ है।  

शिक्षक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई 

4 मई की रात करीब 12:30 बजे शिक्षक ने पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई। लेकिन पुलिस ने उन्हें और पुख्ता सबूत जुटाने की सलाह दी। शिक्षक ने फिर से सबूत इकट्ठे किए, स्क्रीनशॉट्स, सवालों का क्रम और उत्तरों की समानता का पूरा रिकॉर्ड बनाया।  

राष्ट्रीय स्तर पर खुलासा हुआ तो परीक्षा रद्द हुई 

6 मई को शिक्षक ने पूरा मामला NTA और सीबीआई को मेल कर दिया। इसके बाद मामला देशभर में तूल पकड़ गया। जांच में बड़े पैमाने पर पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद 12 मई को NTA ने NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया।  

इस खुलासे का असर लाखों छात्रों पर पड़ा, जिन्हें अब दोबारा परीक्षा देनी होगी। शिक्षक का कहना है कि उन्होंने यह फैसला लिया क्योंकि इन छात्रों ने दो-तीन साल दिन-रात मेहनत की है। उन्होंने कहा, “मैं चुप नहीं रह सकता था, क्योंकि इनके साथ अन्याय हो रहा था।”  

राजस्थान के ईमानदार शिक्षक ने किया पर्दाफाश 

राजस्थान के इस शिक्षक की ईमानदारी ने न सिर्फ एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि यदि जागरूक नागरिक सच के लिए खड़ा हो, तो व्यवस्था में बदलाव आ सकता है। यह कहानी हर किसी के लिए प्रेरणा है कि जिम्मेदारी और ईमानदारी से बड़ा कोई हथियार नहीं।

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