NEET Exam Center Abu Dhabi: NEET पेपर लीक होने के बाद री-एग्जाम को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी कितनी सतर्क हो गई है, इसका एक बड़ा उदाहरण महाराष्ट्र के एक छात्र के एडमिट कार्ड में देखने को मिला। छात्र ने NEET री-एग्जाम के लिए नागपुर, भंडारा और वर्धा को एग्जाम सेंटर के लिए चुना था लेकिन NTA ने उसका एग्जाम सेंटर नागपुर से 2500 किलोमीटर दूर, UAE की राजधानी अबू धाबी (NEET Exam Center Abu Dhabi) में अलॉट कर दिया। छात्र को उसके इंटरनेशनल एग्जाम सेंटर के बारे में तब पता चला जब अगले दिन परीक्षा होनी है.
दरअसल नागपुर के एक छात्र अब्दुल्लाह मोहम्मद तालिब ने एग्जाम सेंटर के लिए नागपुर, भंडारा और वर्धा को अपनी पसंद के रूप में चुना था. लेकिन NTA ने संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में सेंटर अलॉट कर दिया. इससे पहले भी उनका एग्जाम सेंटर नागपुर में ही था. एडमिट कार्ड में सेंटर का नाम ‘अबू धाबी इंडियन स्कूल’ (Abu Dhabi Indian School) लिखा है. यह यूएई में भारतीय समुदाय के लिए बना एक गैर-लाभकारी प्राइवेट स्कूल है.
इस मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया। कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने X में पोस्ट करते हुए लिखा- नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था। कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला – अबू धाबी। न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है – क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है? आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुँच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए। NTA असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ़ धीरज test कर रही है। जो system एक बच्चे को अपने ही शहर में एक centre नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है – उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं। कोटा में मैंने यही कहा था – यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रही। यह एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली है। हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के अधिकारी हैं – और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे।
अब्दुल्लाह को अबू धाबी सेंटर देने का मामला NTA के पास पहुंचा, तो उसके अधिकारी हरकत में आए. X पर प्रतिक्रिया देते हुए NTA ने लिखा, “शिकायत पर ध्यान दिया जा रहा है और कैंडिडेट को अगले कुछ घंटों में सही वेरिफिकेशन के बाद नागपुर में एक सेंटर दिया जाएगा.” इस मामले में NTA ने अपनी गलती मानी है. वहीं इसी तरह की एक घटना भुवनेश्वर की छात्रा संजना संजीवनी के साथ भी हुई, जिसे देहरादून का एक सेंटर अलॉट किया गया हालांकि NTA के डीजी अभिषेक सिंह ने बताया दोनों के सेंटर बदल दिए गए हैं।
अबू धाबी कैसे हो गया नीट एग्जाम सेंटर
अब सवाल ये है कि आखिर नागपुर के छात्र का एग्जाम सेंटर अबू धाबी इंडियन स्कूल कैसे कर दिया गया? दरअसल NTA विदेशों में रहने वाले भारतीय छात्रों के लिए भी विदेशों में एग्जाम एंटर तय करती है. 2026 ने NEET के लिए UAE में दो सेंटर्स में यह परीक्षा आयोजित की जा रही है द इंडियन हाई स्कूल दुबई और शारजाह इंडियन स्कूल, इससे पहले कई बार ‘अबू धाबी इंडियन स्कूल को भी NEET UG एग्जाम के लिए सेंटर बनाया गया है. इसलिए NTA के सॉफ्टवेयर डेटाबेस में पहले से मौजूद पुराने एग्जाम सेंटर्स की लिस्ट की वजह से यह तकनीकी गड़बड़ी हुई.
फिलहाल NTA ने दोनों छात्रों के परीक्षा केंद्र बदलकर मामला संभाल लिया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर परीक्षा एजेंसी की तकनीकी तैयारियों और सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बहरहाल 21 जून को भारत के 551 और विदेशों के 14 शहरों के 5000 सेंटर्स में 22 लाख 80 हजार से ज्यादा छात्र NEET री-एग्जाम में शामिल होंगे। NTA के अनुसार, एग्जाम दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में होगी। अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे से 1:30 बजे के बीच एग्जाम सेंटर में पहुंचना होगा, जिसके बाद एंट्री नहीं मिलेगी। छात्रों को एडमिट कार्ड के साथ फोटो ID और 2 फोटो लेकर जाना होगा।

