National Seminar 2026 In TRS College Rewa : विविधता में एकता,एनईपी अकादमिक मंथन संगोष्ठी का समापन

National Seminar 2026 In TRS College Rewa

National Seminar 2026 In TRS College Rewa : विविधता में एकता,एनईपी अकादमिक मंथन संगोष्ठी का समापन रीवा। शासकीय ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय, रीवा में समाजशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का 15 मार्च 2026 को भव्य समापन हुआ। प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी के कुशल निर्देशन में आयोजित इस संगोष्ठी में देशभर के विद्वानों और शोधार्थियों ने भाग लिया। समापन सत्र में “भारतीय समाज में विविधता में एकता” और “नई शिक्षा नीति” जैसे गंभीर विषयों पर गहन अकादमिक विमर्श हुआ, जिसने शोधार्थियों और शिक्षाविदों के लिए एक नए दृष्टिकोण का निर्माण किया।टीआरएस कॉलेज रीवा में राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य समापन। विविधता में एकता और नई शिक्षा नीति (NEP) पर हुआ गहन मंथन। युवा समाज वैज्ञानिक अवार्ड एवं पोस्टर प्रस्तुतीकरण से जुड़ी पूरी खबर पढ़ें।

अकादमिक सत्र और विचार-विमर्श

Academic Sessions and Deliberations

संगोष्ठी के दूसरे दिन आयोजित अकादमिक सत्र में विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शोधार्थियों ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। डॉ. धीरेन्द्र मिश्रा, सुजीत सिंह, डॉ. सतीष कुमार द्विवेदी, पुष्पराज सिंह, डॉ. शिवांगी दाहिया, साक्षी अग्रहरि, डॉ. मंजूश्री मिश्रा सहित कई युवा शोधकर्ताओं ने विषय-वस्तु पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर वरिष्ठ विद्वान डॉ. एस.पी. शुक्ल ने “भारतीय समाज में विविधता में एकता” विषय पर अपना गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भारत की सांस्कृतिक, भाषाई और धार्मिक विविधता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है, जो सदियों से राष्ट्रीय एकता की आधारशिला रही है।

सम्मान और पुरस्कार-Honours and Awards

युवा समाज वैज्ञानिक अवार्ड-Young Social Scientist Award

युवा शोधार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने के लिए “युवा समाज वैज्ञानिक अवार्ड” प्रदान किए गए। शोध-पत्र वाचन की गुणवत्ता के आधार पर:-

  • प्रथम स्थान- पूजा तिवारी
  • द्वितीय स्थान-अलका मिश्रा
  • तृतीय स्थान-साक्षी अग्रहरि-इन विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं प्रतीक-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

पोस्टर प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता – Poster Presentation Competition

शोध विषयों पर आधारित पोस्टर प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। परिणाम इस प्रकार रहे:-

  • प्रथम-देव कृष्ण तिवारी
  • द्वितीय-सुजीत सिंह
  • तृतीय-संस्कृति सिंह
  • सांत्वना पुरस्कार-अंजलि कुशवाहा

समापन सत्र की मुख्य बातें-Key Highlights of the Valedictory Session

समापन सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर विनोद रस्तोगी ने की। विशेष रूप से उपस्थित विषय विशेषज्ञों में डॉ. एस.पी. शुक्ल, डॉ. धीरेन्द्र मिश्रा तथा रचना श्रीवास्तव शामिल रहीं।

प्रोफेसर विनोद रस्तोगी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के अकादमिक आयोजन न केवल शोध और चिंतन को नई दिशा प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और संवाद की भावना को भी मजबूत बनाते हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह नीति भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने में सक्षम है। संगोष्ठी के संयोजक प्रो. अखिलेश शुक्ल ने दो दिवसीय संगोष्ठी का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी प्रतिभागियों, विद्वानों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

आयोजन में सहयोग-Contribution to the Organization

इस राष्ट्रीय संगोष्ठी के सफल आयोजन में समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष एवं संयोजक प्रो. अखिलेश शुक्ल तथा सह-संयोजक डॉ. महानंद द्विवेदी का विशेष योगदान रहा। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. मधुलिका श्रीवास्तव, डॉ. शाहेदा सिद्दीकी, डॉ. फरजाना बानो, डॉ. प्रियंका पांडे, डॉ. निशा सिंह, डॉ. गुंजन सिंह, डॉ. प्रियंका तिवारी एवं योगेश निगम ने सक्रिय भूमिका निभाई।

निष्कर्ष-Conclusion-शासकीय ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय, रीवा में आयोजित यह दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी अपने उद्देश्यों में सफल रही। इसने न केवल विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को अपने विचार व्यक्त करने का एक मंच प्रदान किया, बल्कि भारतीय समाज की सामाजिक संरचना, विविधता और शिक्षा नीति के भविष्य पर भी एक सार्थक संवाद स्थापित किया। इस प्रकार के आयोजन शिक्षा जगत में शोध की गुणवत्ता को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होते हैं।

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