राष्ट्रीय पुलिस शहीद दिवस के अवसर पर विंध्य क्षेत्र के रीवा, सतना और मऊगंज जिलों में भव्य और गरिमामय श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में देश और समाज की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले वीर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया गया।
रीवा के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में आईजी गौरव राजपूत, डीआईजी हेमंत सिंह चौहान और एसपी गुरूकरण सिंह सहित तमाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी और इस दौरान शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों का समर्पण पुलिस बल के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
सतना के सिविल लाइन स्थित शहीद स्मारक तिराहे पर भी श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया, जिसमें कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और एसपी हंसराज सिंह सहित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने दीप जलाकर और पुष्प अर्पित कर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। एसपी हंसराज सिंह ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों के नाम पढ़कर उनके बलिदान को याद किया। इस विशेष अवसर पर सतना जिले के दो शहीद जवानों—सेक्शन कमांडर स्वर्गीय करण सिंह और आरक्षक स्वर्गीय बैजनाथ सिंह परिहार के परिजनों को सम्मानित किया गया।
मऊगंज में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में एसपी सुरेंद्र कुमार जैन, कलेक्टर राजेश कुमार ओंगरे, मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल और भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कर्तव्य की वेदी पर जान गंवाने वाले वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। परेड कमांडर रविंद्र कुमार सिंह की अगुवानी में पुलिस बल ने शोक शस्त्र प्रस्तुत किया और बिगुल पर ‘लास्ट पोस्ट’ की धुन बजाकर शहीदों को अंतिम सलामी दी। एसपी जैन ने पिछले एक साल में देश भर में शहीद हुए 154 पुलिसकर्मियों के साथ-साथ शाहपुर थाना क्षेत्र के गडरा गांव में 15 मार्च 2025 को हुए हमले में शहीद हुए एएसआई रामचरण गौतम के अदम्य साहस को याद किया। कार्यक्रम में शहीद एएसआई रामचरण गौतम के परिजनों को शॉल और श्रीफल से सम्मानित किया गया, तथा वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में शहीद हुए 10 भारतीय पुलिसकर्मियों के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए यह भव्य आयोजन मार्च पास्ट के साथ संपन्न हुआ।

