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नासिक की आईटी कंपनी में महिला कर्मचारियों से यौन शोषण और धर्मांतरण का दबाव, 6 मुस्लिम टीम लीडर, HR मैनेजर गिरफ्तार

Nashik IT Company Sexual Harassment: नासिक की एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में हिंदू महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन शोषण, जबरन नमाज पढ़ने, हिंदू देवी-देवताओं का अपमान और धर्मांतरण का दबाव बनाने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने कंपनी के छह मुस्लिम टीम लीडर्स और एचआर मैनेजर समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि महाराष्ट्र सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित कर दिया है। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि पिछले चार साल से उन्हें प्रमोशन और नौकरी के लालच में फंसाकर शोषण किया गया, वीकेंड ट्रिप के नाम पर उनके साथ गलत व्यवहार किया गया और उन्हें गोमांस खाने व इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया गया।

Nashik IT Company Sexual Harassment: नासिक में एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में काम करने वाली हिंदू महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के छह मुस्लिम टीम लीडर्स और एक एचआर मैनेजर समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। महाराष्ट्र सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।

पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि पिछले चार वर्षों से कंपनी के कुछ सीनियर कर्मचारी उनका शोषण कर रहे थे। उन्होंने कई बार एचआर विभाग में शिकायत की, लेकिन हर बार इसे नजरअंदाज कर दिया गया। मामला तब उजागर हुआ जब कुछ महिला कर्मचारियों के पहनावे, व्यवहार और जीवनशैली में अचानक बदलाव नजर आने लगे। वे रमजान के दौरान रोजा रखने लगीं, लिपस्टिक लगाना बंद कर दिया और अपनी पुरानी परंपराओं से दूरी बनाने लगीं। सहेलियों से भी अलग-थलग पड़ गईं।

पीड़ितों ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

शुरू में डर और सामाजिक दबाव के कारण पीड़ित चुप रहीं। बाद में आठ महिला कर्मचारियों और एक पुरुष कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कुल नौ मामले दर्ज हुए हैं। आरोपियों पर यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़, अश्लील हरकतें, हिंदू देवी-देवताओं का अपमान, ऑफिस में जबरन नमाज पढ़ने को मजबूर करना, गोमांस खिलाने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के आरोप हैं। पीड़ितों ने बताया कि अगर कोई महिला काम पर नहीं आती तो आरोपी उसके परिवारवालों से संपर्क करने की कोशिश करते थे। कुछ मामलों में नौकरी और प्रमोशन का लालच देकर महिलाओं को वीकेंड ट्रिप पर रिसॉर्ट या वॉटर पार्क ले जाया जाता था, जहां उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता था।

पुलिस की जांच में खुलासा

नासिक पुलिस के सूत्रों के अनुसार, यह एक संगठित तरीके का मामला था। सबूत जुटाने के लिए महिला पुलिसकर्मियों ने भेष बदलकर कंपनी में काम किया और आरोपियों पर नजर रखी। पुलिस ने 40 जगहों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें यौन उत्पीड़न और अश्लील हरकतों के सबूत मिले। पीड़ितों का भरोसा जीतकर ही उन्होंने आगे आकर शिकायत की। गिरफ्तार आरोपियों में आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार और दानिश शेख (टीम लीडर्स) तथा कंपनी की एचआर मैनेजर अश्विनी छनानी शामिल हैं। इन पर पीड़ितों को चुप रहने के लिए धमकाने का भी आरोप है।

मंत्री बोले- कार्पोरेट जिहाद

महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने इस घटना को ‘कार्पोरेट जिहाद’ बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच से मास्टरमाइंड और फंडिंग का पता चलेगा। जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने भी इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि नौकरी के लालच में लड़कियों को बहकाया जा रहा था।

हिंदू संगठनों का विरोध

शुक्रवार को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कंपनी कैंपस में घुसकर हंगामा किया। पुलिस ने मामले को संवेदनशील मानते हुए जांच तेज कर दी है। कंपनी में बड़े पदों पर काम कर रहे कुछ अन्य कर्मचारियों के नाम भी सामने आए हैं। यह मामला कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। SIT की जांच जारी है और आगे की गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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