31 अगस्त को होगी मोदी-जिनपिंग की मीटिंग, सुलझेगा सीमा विवाद?

Narendra Modi Xi Jinping Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) 31 अगस्त 2025 को चीन के तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO Summit) के दौरान द्विपक्षीय मुलाकात (Modi Jinping Bilateral Meeting) करेंगे। यह मुलाकात पिछले साल अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) के दौरान हुई उनकी पहली औपचारिक बातचीत के बाद दूसरी होगी। यह भी महत्वपूर्ण है कि 7 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री चीन की यात्रा (PM Modis China Visit) करेंगे, क्योंकि मोदी आखिरी बार 2018 में चीन गए थे। इस मुलाकात से भारत-चीन संबंधों (India-China Relations) में सुधार और सीमा विवाद (India-China Border Dispute) पर चर्चा की उम्मीद है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं।

मोदी जिनपिंग की मुलाकात का महत्त्व

Importance of Modi-Jinping meeting: मोदी और जिनपिंग की यह मुलाकात 2020 में गलवान घाटी में हुए सैन्य टकराव (Galwan Valley Clash) के बाद भारत-चीन संबंधों में तनाव के बाद एक महत्वपूर्ण कदम है। कजान में 23 अक्टूबर 2024 को हुई मुलाकात में दोनों नेताओं ने सीमा पर शांति और आपसी विश्वास को बढ़ाने पर जोर दिया था। उस समय दोनों देशों ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर गश्ती व्यवस्था को लेकर एक समझौता किया था, जिसने 4 साल के सैन्य गतिरोध को खत्म किया।

मोदी जिनपिंग की मीटिंग में क्या होगा

What will happen in modi jinping meeting: इस बार SCO समिट में होने वाली मुलाकात में दोनों नेता निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा करेंगे:

  • सीमा पर स्थिरता: LAC पर शांति बनाए रखने और डेपसांग और डेमचोक जैसे क्षेत्रों में गश्ती व्यवस्था को लागू करने पर जोर।
  • आर्थिक सहयोग: भारत-चीन व्यापार असंतुलन को कम करने और चीनी निवेश पर भारत की नीतियों को उदार करने पर चर्चा। 2023-24 में भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा $85 बिलियन था, जिसमें भारत का निर्यात $16.65 बिलियन और आयात $101.73 बिलियन था।
  • वैश्विक मंचों पर सहयोग: SCO, ब्रिक्स (BRICS), और G20 जैसे मंचों पर विकासशील देशों के हितों को बढ़ावा देना।

SCO समिट 2025 में चीन की अध्यक्षता (China’s SCO Presidency) में होगा, और भारत ने इसमें पूर्ण सहयोग का वादा किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने जुलाई 2024 में चीन का दौरा किया था, जहां उन्होंने जिनपिंग और चीनी विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) से मुलाकात की थी। इस दौरान सीमा विवाद और आर्थिक सहयोग पर चर्चा हुई थी।

मोदी ने X पर पोस्ट किया, “कजान में राष्ट्रपति शी के साथ मेरी मुलाकात के बाद भारत-चीन संबंधों में स्थिर प्रगति हुई है। मैं तियानजिन में SCO समिट के दौरान हमारी अगली मुलाकात का इंतजार कर रहा हूं।”

हालांकि कजान में हुई मुलाकात और LAC समझौता ने संबंधों में सुधार की उम्मीद जगाई है, विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्ण सामान्यीकरण में अभी समय लगेगा। विल्सन सेंटर के माइकल कुगलमैन ने कहा, “यह समझौता एक विश्वास-निर्माण कदम है, लेकिन संबंधों को पूरी तरह सामान्य करने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है

31 अगस्त 2025 को तियानजिन में होने वाली मोदी-जिनपिंग मुलाकात भारत-चीन संबंधों में एक नया अध्याय शुरू कर सकती है। यह मुलाकात न केवल सीमा विवाद को सुलझाने, बल्कि आर्थिक सहयोग और वैश्विक मंचों पर एकजुटता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।




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