Naravane Book Row : लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान शुरू हुआ नरवणे की किताब का विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। कांग्रेस सांसद व सदन के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधा लगातार सदन में नरवणे की किताब का जिक्र कर रहे हैं। इसके बाद जब इस किताब को लेकर पेंग्वुइन पब्लिकेशन ने जवाब दिया कि ऐसी कोई किताब नहीं छपी है तो राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि या तो पेंग्वुइन झूठ बोल रहा है या नरवणे ने झूठ बोला है? राहुल गांधी के इस सवाल के बाद अब तक चुप्पी साधकर बैठे मनोज मुकुंद नरवणे सामने आ गए और सच बता दिया।
नरवणे की किताब पर विवाद क्यों उठा?
भारत के पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब ‘Four Stars of Destiny’ को लेकर उठे विवाद का सच सामने आ गया। ये वही किताब है, जिसे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद में पढ़ने की इच्छा जाहिर की, लेकिन रक्षा मंत्री ने नियम का हवाला देते हुए इसे रोक दिया। बताया गया कि यह किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है, इसलिए अप्रकाशित किताब को संसद में पढ़ना सही नहीं है। इसके तुरंत बाद ही राहुल गांधी ने कहा कि वह इस किताब को हाथ में लेकर संसद में दिखाएंगे। उन्होंने मीडिया से कहा कि आज जब प्रधानमंत्री मोदी संसद में आएंगे, तो वह उन्हें यह किताब देंगे। हालांकि, उस दिन पीएम मोदी का लोकसभा में भाषण नहीं हो सका। विपक्ष ने राहुल गांधी को बोलने से रोकने का आरोप लगाते हुए स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी ला दिया।
राहुल गांधी पेंगुइन और नरवणे पर उठाया सवाल
सवाल उठ रहा है कि जब यह किताब अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है, तो राहुल गांधी के हाथ में यह किताब कैसे आई? इस बात की जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। जांच शुरू कर दी गई है। विवाद बढ़ने पर पेंगुइन प्रकाशन ने भी बयान जारी किया कि यह किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। राहुल गांधी ने कहा कि या तो प्रकाशक झूठ बोल रहा है या फिर नरवणे। उन्होंने यह भी कहा कि किताब अभी बाजार में नहीं है।
मनोज मुकुंद नरवणे ने खुद बताया किताब का सच
इस विवाद के बीच अब पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर 7 शब्दों में कहा- ‘पुस्तक की वर्तमान स्थिति यह है।’ नरवणे ने यह पोस्ट पेंगुइन के जवाब को रिट्वीट करते हुए लिखा है। इस पोस्ट के बाद ये साफ हो गया कि किताब छपी और अस्तित्व में भी है। राहुल गांधी ने कहा कि नरवणे की किताब बाजार में है। 2023 में खुद नरवणे ने ट्वीट कर कहा था कि उनकी किताब Amazon पर उपलब्ध है। इसलिए, राहुल गांधी का तर्क है कि या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं या फिर प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया।
असल में, नरवणे ने 2023 में सोशल मीडिया पर संकेत दिया था कि उनकी किताब प्री-बुकिंग के लिए उपलब्ध है। इसी ट्वीट को आधार बनाकर राहुल गांधी ने दावा किया कि किताब बाजार में है। लेकिन, वह किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है, और नरवणे का पुराना सोशल मीडिया पोस्ट ही इस पूरे विवाद का कारण बन गया है।

