Narak Chaturdashi 2025 Puja Tips :छोटी दीवाली पर करें यह चमत्कारी उपाय मिटेगा जीवन का अंधियारा

Narak Chaturdashi 2025 Puja Tips

Narak Chaturdashi 2025 Puja Tips: पंचदिवसीय दीपावली पर्व का दूसरा दिन नरक चतुर्दशी के रूप से जाना जाता है। नरक चतुर्दशी जिसे छोटी दीवाली, रूप चौदस, काली चतुर्दशी के नाम से भी मनाते हैं। यह दिन केवल बाहरी दीप जलाने के लिए नहीं बल्कि आंतरिक अंधकार को मिटाने का भी प्रतीक है। और इस दिन यदि कोई व्यक्ति विशेष उपाय कर लेता है तो उसे सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

Narak Chaturdashi 2025 Puja Tips
Narak Chaturdashi 2025 Puja Tips

नरक चतुर्दशी पूजा तिथि और शुभ मुहूर्त

जी हां, पौराणिक कथाओं के अनुसार श्री कृष्ण ने इस दिन नरकासुर नामक दैत्य का वध किया था। इसलिए इस दिन को नरक से मुक्ति के रूप में मनाया जाता है। इस दिन अभ्यंग स्नान की विशेष महत्वता होती है। वही नरक चतुर्दशी के दिन दीपदान, यम पूजन इत्यादि भी किए जाते हैं। बता दें वर्ष 2025 में 19 अक्टूबर 2025 को नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी। हालांकि नरक चतुर्दशी दोपहर 1:00 बजे से शुरू हो रही है ऐसे में अभ्यंग स्नान 20 अक्टूबर 2025 को सुबह 5:13 से 6:25 तक किया जाएगा। वहीं दीपदान का समय रात 7:00 बजे के बाद का बताया जा रहा है।

नरक चतुर्दशी पर किस प्रकार करें आंतरिक अंधेरे को दूर

सुबह सूर्योदय से पहले करें अभ्यंग स्नान: नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पहले तिल, बेसन, हल्दी, चंदन मिलाकर उबटन लगाया जाता है। इसे अभ्यंग स्नान कहा जाता है। वर्ष 2025 में अभ्यारण स्नान 20 अक्टूबर सुबह 5: 13 मिनट से लेकर 6:25 तक बताया जा रहा है।

करें यम दीपदान: नरक चतुर्दशी के दिन यम देवता की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। इस दिन यम देवता के नाम से दीपक जलाना लाभकारी होता है। नरक चतुर्दशी की शाम को घर के दक्षिण दिशा में दीपक जरूर जलाएं। इस दीपक को चौमुखी बनाएं और दीपक में सरसों का तेल डालें। हो सके तो थोड़े काले तिल डालकर इसे घर के मुख्य द्वार या किसी चौराहे पर रखें।

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ऋण मुक्ति हेतु विशेष उपाय: नरक चतुर्दशी के दिन जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल, गुड़ का दान अवश्य करें। ऐसा करने से ऋण से मुक्ति मिलती है। इस दिन घर के हर कोने में माता लक्ष्मी के नाम का दिया जलाएं। रसोई में भी पानी के स्त्रोत के सामने दीप प्रज्वलित अवश्य करें।

स्वास्थ्य और रोग निवारण हेतु उपाय: नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पहले पानी में नीम की पत्तियां, गंगाजल और तुलसी के पत्ते अवश्य डालें और यम देवता और भगवान धन्वंतरि का स्मरण कर इस पानी से स्नान करें। इस पानी से स्नान करने से रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है और अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।

नकारात्मक ऊर्जा हटाने हेतु उपाय: नरक चतुर्दशी के दिन एक कपूर को नारियल के ऊपर रखकर जलाएं। इसके बाद इसे पूरे घर में धुआँ करें। फिर वह नारियल किसी बाहरी जल स्रोत में प्रवाहित करें यह घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।

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