Nagar Vijayadashmi Utsav Samiti embroiled in controversy over Dussehra celebrations in Rewa: रीवा में दशहरा पर्व के आयोजन को लेकर गठित नगर विजयादशमी उत्सव समिति विवादों के घेरे में है। समिति के अध्यक्ष और सचिव पर जनता से मिले चंदे को हड़पने और आयोजन में मनमानी करने के आरोप लगे हैं। इसके साथ ही शहर की दुर्गा उत्सव समितियों ने भी समिति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, खासकर दशहरा झांकी की पुरानी परंपरा पर पिछले तीन सालों से लगी रोक को लेकर।
पुरानी परंपरा पर रोक से नाराजगी
दशहरे पर मां की झांकी दशहरा मैदान तक ले जाने की वर्षों पुरानी परंपरा पर पिछले तीन वर्षों से रोक है। झांकियों को कॉलेज चौराहे से ही वापस लौटा दिया जाता है, जिसे प्रशासन ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था का हवाला देता है। लेकिन दुर्गा उत्सव समितियों ने इसे सांस्कृतिक परंपरा पर हमला बताते हुए विरोध शुरू कर दिया है। किला के मछरिया दरवाजा स्थित नवदुर्गा उत्सव समिति के रवि पांडेय ने कहा, “नगर विजयादशमी समिति अपनी मनमानी कर रही है। पहले झांकियों के लिए उत्सव समिति आमंत्रित करती थी, लेकिन अब आयोजन सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित हो गया है, जिससे दशहरा फीका पड़ रहा है।”
रावण पुतला बनाने वाले कलाकार का भुगतान बाकी
समिति पर रावण पुतला बनाने वाले कलाकारों का भुगतान न करने का भी आरोप है। एक कलाकार की आर्थिक मदद मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस बार समिति ने रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले बनाने का काम गोविंदगढ़ के कारीगरों को सौंपा है, जो 50 फीट का रावण और 40-40 फीट के मेघनाथ व कुंभकरण के पुतले तैयार कर रहे हैं।
विरोध की चेतावनी
दुर्गा उत्सव समितियों ने साफ कर दिया है कि यदि इस बार पुरानी परंपरा बहाल नहीं हुई, तो वे चल समारोह में झांकियों को आधे रास्ते से वापस लौटाएंगे। इसके लिए उन्होंने बुधवार तक का समय दिया था, जो समाप्त हो चुका है। समितियों ने सिरमौर के भाजपा विधायक दिव्यराज सिंह से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। स्थानीय लोग और आयोजक इस विवाद के कारण दशहरा उत्सव के फीके होने की आशंका जता रहे हैं। प्रशासन और उत्सव समिति की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है, लेकिन विवाद ने शहर में चर्चा का माहौल गर्म कर दिया है।
