Site icon SHABD SANCHI

आखिर क्यों बंद कर रहे MF SIP इंवेस्टर्स? जानें कारण

Mutual fund sign with stacked coins and rolled currency notes symbolizing stable long-term investing

Mutual Funds SIP: वर्तमान के दौर में म्यूचुअल फंड में निवेश का सबसे लोकप्रिय तरीका SIP हो गया है. इसकी खास बात यह है कि इसमें छोटी-छोटी किस्तों में निवेश करने की सुविधा और रोजमर्रा के खर्चों पर कम असर डालती है जिससे लोग इसे खासा पसंद करते हैं. हालांकि, बढ़ते आकर्षक रिटर्न के बावजूद कई निवेशक जल्दी ही अपनी SIP रोक देते हैं. ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि इसका मुख्य कारण निवेशकों का धैर्य की कमी और वित्तीय योजना का अभाव है.

कम समय में अधिक रिटर्न की उम्मीद

गौरतलब है कि, अक्सर निवेशक SIP को शॉर्ट टर्म निवेश मान लेते हैं, अगर फंड एक या छह महीने में उम्मीद के अनुसार रिटर्न नहीं देता, तो निवेशक इसे बेकार समझ लेते हैं. फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स बताते हैं कि SIP का सही लाभ तभी मिलता है जब इसे लंबी अवधि तक जारी रखा जाए. धैर्य के बिना निवेशक अपनी SIP जल्दी बंद कर देते हैं, जिससे संभावित लाभ चूक जाते हैं.

फाइनेंशियल दबाव

आपको बताएं कि, कई बार निवेशक शुरू में उत्साह में आकर बड़ी राशि निवेश कर देते हैं. लेकिन समय के साथ बढ़ते खर्च और अनपेक्षित खर्चों के वजह से उन्हें SIP रोकनी पड़ती है. ऐसे मामलों में विशेषज्ञ 50:30:20 फॉर्मूले की सलाह देते हैं, 50% जरूरी खर्च, 30% मनपसंद खर्च और 20% बचत और निवेश. इससे ना सिर्फ निवेश की नियमितता बनी रहती है, बल्कि वित्तीय दबाव भी कम होता है.

मार्केट में गिरावट का डर

स्टॉक मार्केट में लगातार गिरावट आने पर निवेशक डर से अपने SIP को रोक देते हैं. वित्तीय सलाहकार मानते हैं कि यह समय निवेश का सबसे सही अवसर होता है. कम कीमत पर ज्यादा यूनिट खरीदने का मौका मिलता है. इसलिए बाजार के डर के कारण SIP रोकना रणनीतिक रूप से गलत है.

SIP की तय अवधि पूरी होना

अधिकांश SIP 3, 5 या 7 साल की अवधि के लिए होती हैं. जब यह अवधि पूरी हो जाती है, तो कई निवेशक इसे बढ़ाने के बारे में नहीं सोचते. अक्सर निवेश का उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई या शादी जैसी योजनाएं होती हैं. इसी वजह से SIP को जारी रखने की संभावना कम हो जाती है.

अनुचित निवेश लक्ष्यों का असर

गौरतलब है कि, कुछ निवेशक बिना स्पष्ट योजना के कई फंड में निवेश कर देते हैं. इससे उनके निवेश पर नियंत्रण कम रहता है और वे जल्द ही निराश होकर SIP बंद कर देते हैं. फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स सुझाव देते हैं कि निवेश से पहले उद्देश्य तय करना और उसी अनुसार योजना बनाना जरूरी है.

गौर करने वाली बात यह है कि, म्यूचुअल फंड में SIP को सफल बनाने के लिए धैर्य, वित्तीय योजना और नियमित निवेश की आदत बेहद जरूरी है. जल्दबाजी में निर्णय लेने से निवेशक अपना संभावित लाभ खो सकते हैं.

Exit mobile version