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सतना: 24 घंटे से लापता 5वीं के छात्र का जंगल में मिला क्षत-विक्षत शव, हत्या व जंगली जानवर के हमले के एंगल से जांच शुरू

Mutilated body of Class 5 student missing for 24 hours found in Satna forestMutilated body of Class 5 student missing for 24 hours found in Satna forest

Mutilated body of Class 5 student missing for 24 hours found in Satna forest

सतना जिले के मझगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत पिंडरा गांव से 24 घंटे से लापता एक 9 वर्षीय मासूम बच्चे का शव गुरुवार शाम को गांव के पास ही स्थित पहाड़ी से लगे जंगल में बेहद क्षत-विक्षत हालत में मिला है। बच्चे का शव कई टुकड़ों में बंटा हुआ था, जिसमें उसका सिर व हाथ एक तरफ और धड़ का निचला हिस्सा कुछ दूरी पर पड़ा था, जबकि पेट का हिस्सा पूरी तरह गायब था। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। प्रथम दृष्टया जहां वन विभाग और पुलिस जंगली जानवर के हमले की आशंका जता रहे हैं, वहीं परिजनों ने बच्चे का अपहरण कर हत्या किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है।

घर के बाहर हैंडपंप से अचानक लापता हुआ था मासूम

मझगवां थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पिंडरा गांव निवासी लल्लू यादव का 9 वर्षीय पुत्र नितिन यादव पांचवीं कक्षा में पढ़ता था। बुधवार शाम करीब 5 बजे वह स्कूल से लौटकर घर आया था, जिसके बाद वह हाथ-मुंह धोने के लिए घर के बाहर लगे हैंडपंप पर गया। जब काफी देर तक नितिन वापस घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। आसपास हर जगह तलाश करने के बाद भी जब मासूम का कोई सुराग नहीं मिला, तब परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई।

पुलिस और वन विभाग के संयुक्त सर्च ऑपरेशन में मिला शव

मासूम के लापता होने की संवेदनशीलता को देखते हुए चित्रकूट एसडीओपी राजेश सिंह बंजारे और मझगवां थाना प्रभारी आदित्य नारायण धुर्वे के नेतृत्व में पुलिस सक्रिय हुई। गुरुवार सुबह पुलिस, डॉग स्क्वॉड, साइबर सेल, एसडीआरएफ, क्यूआरएफ और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। दिनभर की कड़ी मशक्कत के बाद शाम को गांव से करीब 500 मीटर दूर जंगल में नितिन का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना कर पंचनामा तैयार किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाया।

तेंदुए का मूवमेंट या सोची-समझी साजिश? बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें

वन विभाग के अधिकारियों और चित्रकूट रेंजर अभिषेक मिश्रा के मुताबिक, जिस इलाके में शव मिला है, वहां पहले से ही तेंदुए (लेपर्ड) की आवाजाही दर्ज की जाती रही है। हालांकि, क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी के कोई संकेत नहीं मिले हैं। शव की हालत देखकर आशंका है कि यह तेंदुए का हमला हो सकता है, लेकिन देर रात हुई भारी बारिश के कारण पगमार्क (पंजों के निशान) और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य धुल गए हैं, जिससे जांच में मुश्किलें आ रही हैं। दूसरी ओर, परिजनों का कहना है कि नितिन की हत्या कर शव को साक्ष्य मिटाने के लिए जंगल में फेंका गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने डॉक्टरों के एक विशेष पैनल से पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक (वैज्ञानिक) जांच के साक्ष्य आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस दोनों ही पहलुओं को केंद्र में रखकर बारीकी से तफ्तीश कर रही है।

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