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विद्या और शक्ति की देवी है एमपी की मां शारदा, शैल पुत्री के रूप में भक्तों को दिए दर्शन

मैहर। विंध्य पर्वतमाला की उॅची चोटी पर विराजमान मां शारदा देवी मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। चैत्र नवरात्र के अवसर पर यह धाम आस्था का केन्द्र बन गया है। 9 दिनों तक यहां लाखों श्रद्धालुओं की आस्था अपने चरम पर होने के साथ ही दूर-दराज से लाखों भक्त मां के दर्शन के लिए पहुंचना शुरू हो गए हैं।

ऐसी है मान्यता

मां शारदा को विद्या और शक्ति की देवी माना जाता है, जिनकी कृपा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शारदा धाम की स्थापना प्राचीन काल से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि यह स्थान देवी सती के अंगों के पृथ्वी पर गिरने से बने शक्तिपीठों में से एक है। यही कारण है कि इस मंदिर का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है।

मां शैल-पुत्री के रूप में भक्तों को दिया दर्शन

नवरात्र के पहले दिन देवी के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करने वाली, वृषभ (बैल) पर सवार और त्रिशूल धारण किए मां शैलपुत्री के स्वरूप के दर्शन कर भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह की आरती के दौरान मंदिर परिसर भक्ति में सराबोर नजर आया। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

प्रशासन ने किया व्यवस्था चुस्त

प्रशासन द्वारा नवरात्र के मद्देनजर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पूरे नवरात्र पर्व के दौरान मैहर स्थित मां शारदा देवी मंदिर में इसी तरह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

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