दतिया। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले में अदालत ने दोषी करार दिया है। करीब 25 साल पुराने बैंक घोटाले मामले में दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उन्हें सजा सुनाई है। जो जानकारी आ रही है उसके तहत विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 साल की कैद और 50,000 जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह है मामला
जानकरी के तहत यह मामला जिला सहकारी कृषि ग्रामीण विकास बैंक, दतिया से जुड़ा है। आरोप है कि बैंक अध्यक्ष रहते हुए राजेंद्र भारती ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर और रिकॉर्ड में हेरफेर कर फिक्स्ड डिपॉजिट में गड़बड़ी की। उन्होंने नियमों के विरुद्ध जाकर 13.5 प्रतिशत की ऊंची ब्याज दर का अनुचित लाभ लिया और बैंक को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया।
ऐसा था मामला
यह मामला करीब 25 साल पुराना है, जब दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती जिला सहकारी कृषि ग्रामीण बैंक दतिया के अध्यक्ष थे। उसी दौरान उन्होंने अपनी मां स्व. सावित्री देवी के नाम पर 1998 में 10 लाख रुपये की एफडी कराई, जिसकी अवधि 3 साल थी। उस समय 13.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिल रहा था।
इस तरह का आरोप
आरोप है कि अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने नियमों के विपरीत हर साल एफडी का ब्याज अलग से निकलवाया, जबकि नियमानुसार ब्याज और मूलधन मैच्योरिटी के बाद ही दिया जाता है। इस तरह तीन साल तक नियमों के खिलाफ भुगतान कराया गया।
दस्तावेजों में किए छेड़छाड़
आरोप है कि 2001 में जब एफडी की अवधि पूरी होने वाली थी और बाजार में ब्याज दरें कम हो गई थीं, तब राजेंद्र भारती ने पद का दुरुपयोग कर दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर अवधि 3 साल और बढ़ा दी। इसके बाद भी उन्होंने 13.5 प्रतिशत की ऊंची ब्याज दर पर हर साल ब्याज लिया। 2004 में फिर दस्तावेजों में बदलाव कर एफडी की अवधि करीब 10 साल और बढ़ा दी गई, जिससे उन्हें ज्यादा ब्याज मिलता रहा। यह पूरा खेल फर्जी दस्तावेजों और रिकॉर्ड में बदलाव से किया गया।
कांग्रेस को झटका
मध्य प्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है, दरअसल राजेन्द्र भारती ने पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को विधानसभा चुनाव में शिकस्त देकर दतिया सीट कांग्रेस की झोली में डाली थी। भष्टाचार मामले में उन्हे सजा सुनाए जाने के बाद क्षेत्र ही नही बल्कि प्रदेश में यह मामला अब चर्चा में आ गया है।
