MP Today Weather: मध्य प्रदेश में मानसून (Monsoon) अब पूरी तरह सक्रिय होता नजर आ रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने बालाघाट और डिंडौरी में अति भारी बारिश (Very Heavy Rain) तथा देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में भारी बारिश (Heavy Rain Alert) की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक अगले 2 से 4 दिनों में मानसून पूरे प्रदेश में फैल जाएगा, जिससे बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। हालांकि जून में सामान्य से 33 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई, लेकिन जुलाई में अच्छी बारिश होने और इस कमी की भरपाई होने की उम्मीद जताई गई है।
MP Today Weather: मध्य प्रदेश में जुलाई महीने की शुरुआत तेज बारिश (Heavy Rain) के साथ होने जा रही है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए प्रदेश के सात जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बालाघाट और डिंडौरी में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी (Red Alert) दी गई है, जबकि देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में भारी बारिश (Heavy Rain Alert) होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा प्रदेश के 45 से अधिक जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
तेजी से आगे बढ़ रहा है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) अब तेजी से पूरे मध्य प्रदेश में सक्रिय हो रहा है। मंगलवार तक मानसून जबलपुर, भोपाल, रीवा और शहडोल संभाग के अधिकांश जिलों तक पहुंच चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से चार दिनों में भोपाल, सागर, ग्वालियर, उज्जैन और चंबल संभाग के शेष जिलों में भी मानसून दस्तक दे देगा। इसके बाद पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है।
बालाघाट और डिंडौरी में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग ने बालाघाट और डिंडौरी जिलों के लिए अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) की स्थिति बनने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
वहीं देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में भी भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की संभावना जताई गई है।
45 से ज्यादा जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा और रतलाम में हल्की से मध्यम बारिश (Light Rain) की संभावना है।
मंगलवार को 23 जिलों में बरसे बादल
बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 23 जिलों में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा सतना में हुई, जहां करीब डेढ़ इंच पानी रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सागर, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, डिंडौरी, हरदा, सीहोर, शाजापुर, मंडला, सीधी, सिवनी, धार, नर्मदापुरम, खरगोन, पांढुर्णा और मैहर सहित कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली तथा कई शहरों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
बारिश से तापमान में आई गिरावट
लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश के तापमान पर भी देखने को मिला। भोपाल का अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस, इंदौर 33 डिग्री, उज्जैन 35 डिग्री, जबलपुर 32 डिग्री और ग्वालियर 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे कम अधिकतम तापमान बैतूल में 26.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा सिवनी, छिंदवाड़ा, दमोह, मलाजखंड, खंडवा और सागर में भी तापमान सामान्य से नीचे रहा।
जून में बारिश रही सामान्य से कम
हालांकि जून महीने में प्रदेश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान कुल 88.2 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य औसत 131.1 मिमी माना जाता है। यानी जून में करीब 33 प्रतिशत कम बारिश हुई। मौसम विभाग का मानना है कि जुलाई में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और जून की बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
जुलाई से बढ़ी किसानों और लोगों की उम्मीदें
मौसम विभाग के अनुसार जुलाई मानसून का सबसे अहम महीना माना जाता है। सामान्य तौर पर पूरे मानसून की लगभग 40 प्रतिशत बारिश इसी महीने होती है। भोपाल में जुलाई के दौरान औसतन 14 इंच, जबकि जबलपुर में 17 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की जाती है। ऐसे में इस बार भी जुलाई में अच्छी बारिश की संभावना जताई जा रही है।
प्रदेश में अब तक बारिश का हाल
पूरे मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। फिलहाल अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सागर, सतना, रीवा, पन्ना, दमोह, मंडला, सिवनी, बैतूल, देवास, धार, ग्वालियर, हरदा, नर्मदापुरम, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, सीहोर, शाजापुर, बुरहानपुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, अशोकनगर और श्योपुर जैसे जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। राजधानी भोपाल में अब तक छह इंच से ज्यादा वर्षा हो चुकी है, जिससे मानसून ने अच्छी शुरुआत के संकेत दिए हैं।

