MP: प्रदेश में राहत का दौर समाप्त, गर्मी की वापसी तेज, 4-6 डिग्री तक उछलेगा पारा

MP Today Weather: मध्यप्रदेश में 9 दिन तक चला बारिश और ठंडक का दौर अब खत्म हो गया है। अब अगले कुछ दिनों तक मौसम साफ रहेगा, लेकिन इसके साथ ही तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की तेज बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी और प्रदेश एक बार फिर झुलसाने वाली गर्मी की चपेट में आ जाएगा।

MP Today Weather: मध्यप्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का दौर अब खत्म होने की कगार पर है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार से पूरे प्रदेश में मौसम साफ हो जाएगा और तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की तेज बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

9 दिन बाद खत्म हुआ राहत वाला फेज

अप्रैल की शुरुआत इस बार काफी अलग रही। आमतौर पर इस समय तक प्रदेश में तेज गर्मी पड़ने लगती है, लेकिन इस साल 1 से 9 अप्रैल तक विभिन्न हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलों का दौर जारी रहा। लगातार सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से गर्मी पर अस्थायी ब्रेक लगा रहा। गुरुवार को भी पूर्वी मध्यप्रदेश के उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में मौसम बदला हुआ रहा। कई जगहों पर तेज आंधी चली तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई।

अगले 5 दिन सूखा रहेगा मौसम, तापमान में तेज उछाल

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब ये सिस्टम कमजोर पड़ चुके हैं। शुक्रवार से मौसम पूरी तरह साफ रहेगा और अगले पांच दिनों तक प्रदेश में कहीं भी बारिश की संभावना नहीं है। पूरा प्रदेश ड्राई जोन में रहेगा और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

15 अप्रैल को नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस, लेकिन असर सीमित

मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, लेकिन इसका प्रभाव मध्यप्रदेश में बहुत कम रहने की संभावना है। ऐसे में गर्मी से राहत की उम्मीद फिलहाल नहीं दिख रही है। विभाग का मानना है कि गर्मी के लिहाज से अप्रैल और मई सबसे महत्वपूर्ण महीने होते हैं। इस बार मार्च के दूसरे पखवाड़े में ही तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, लेकिन लगातार मौसम बदलने से गर्मी की रफ्तार थम गई थी। अब मौसम फिर से अपने सामान्य ट्रेंड पर लौट रहा है।

फसलों को बार-बार मौसम बदलने से भारी नुकसान

इस साल फरवरी और मार्च में चार-चार बार मौसम ने करवट ली। कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, पपीता और केले की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। मार्च के अंत और अप्रैल के पहले पखवाड़े में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। अब बारिश थमते ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर बढ़ेगा। आने वाले दिनों में लू चलने की स्थिति बन सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

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