भोपाल। इंदौर में दूषित पानी सप्लाई का मामला सामने आने के बाद सरकार गंभीर हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने देर रात हाई लेवल मीटिंग करके इंदौर की घटना के सबंध में अधिकारियों से वन-टू-वन किए तो मध्यप्रदेश में जल सप्लाई व्यवस्था तथा आम जन को स्वच्छ और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराए जाने के लिए जरूरी निर्देेश दिए है। मुख्यमंत्री की इस हाई लेवल ऑन लाइन मीटिंग में प्रदेश के सभी नगरपालिक निगम के महापौर, संभागायुक्त, कलेक्टर और कमिश्नर नगर निगम आदि शामिल हुए है।
घटना की न हो पुनरावृत्ति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि प्रदेश के नगरीय निकायों का अमला जनता की सेहत के प्रति सजग और सतर्क रहे। इंदौर में हुई घटना की किसी अन्य जगह पुनरावृत्ति नहीं होना चाहिए। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के तालमेल में कमी नहीं होना चाहिए। पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में प्रशासनिक अधिकारी फोन या अन्य माध्यम से शिकायत की सूचना मिलने पर तत्काल कदम उठाएं।
इस तरह से होगी पानी पर निगरानी
सघन आबादी अथवा 20 वर्ष से अधिक पुरानी पाईप लाईन का चिन्हांकन किया जाये।
पुराने एवं बार-बार लीकेज होने वाली पाईप लाईन, नालियों,सीवर पाईपलाईन के समीप अथवा नीचे से गुजरने वाली पाईप लाईनों का चिन्हांकन करें।
चिन्हांकन में पाये गये रिसाव की 48 घंटे के अंदर मरम्मत सुनिश्चित करें।
जल शोधन संयंत्र तथा उच्च स्तरीय टंकियॉं की साफ-सफाई का 07 दिवस के अंदर निरीक्षण करें।
सभी जल शोधन संयंत्रों, प्रमुख जल स्त्रोतों तथा उच्च स्तरीय टंकियों सम्प टेन्कस का तत्काल जल नमूना परीक्षण करें।
प्रदूषण पाए जाने पर तत्काल जल आपूर्ति रोकी जाये एवं वैकल्पिक सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाये।
क्लोरिनेशन सिस्टम की 24Û7 निगरानी की जाये।
सभी नगरीय निकायों में पाइपलाइन लिकेज डिटेक्शन के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाये।
जल आपूर्ति से संबंधित प्राप्त शिकायतों को इमर्जेंसी में रखा जाये।
लीकेज,दूषित जल शिकायतों का 24 से 48 घंटों के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाये।
सी.एम. हैल्पलाईन में गंदा,दूषित पेयजल तथा सीवेज से संबंधित प्राप्त शिकायतों के निराकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाये
अधिक जानने के लिए आज ही शब्द साँची के सोशल मीडिया पेज को फॉलो करें और अपडेटेड रहे।
- Facebook: shabdsanchi
- Instagram: shabdsanchiofficial
- YouTube: @shabd_sanchi
- Twitter: shabdsanchi
