MP UCC Committee: मध्यप्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा सोमवार को जारी आदेश के अनुसार, यह समिति राज्य में वर्तमान विभिन्न व्यक्तिगत और पारिवारिक कानूनों (Personal Laws) का विस्तृत अध्ययन कर 60 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट और ड्राफ्ट बिल राज्य सरकार को सौंपेगी।
MP UCC Committee: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करने की प्रक्रिया को गति देने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर दिया है। इस समिति को राज्य में मौजूद विभिन्न व्यक्तिगत और पारिवारिक कानूनों (Personal Laws) की विस्तृत समीक्षा कर एक संतुलित ड्राफ्ट बिल तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा सोमवार को जारी आदेश में कहा गया है कि वर्तमान परिस्थितियों में नागरिकों के बीच समानता, न्याय, सामाजिक समरसता और विधिक स्पष्टता (Legal Clarity) सुनिश्चित करने के लिए विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationships) से संबंधित कानूनों की समीक्षा जरूरी हो गई है।
समिति की अध्यक्षता करेंगी Retired Supreme Court Judge रंजना देसाई
समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश Justice Ranjana Prakash Desai करेंगी। समिति के अन्य सदस्यों में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, कानूनविद् अनूप नायर, शिक्षाविद् गोपाल शर्मा और सामाजिक कार्यकर्ता बुधपाल सिंह शामिल हैं। समिति के सचिव के रूप में सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव आईएएस अधिकारी Ajay Katesaria को नियुक्त किया गया है।
समिति इन मुद्दों पर करेगी गहन अध्ययन
समिति को राज्य में लागू विभिन्न Personal Laws का गहन परीक्षण करने का कार्य सौंपा गया है। इसमें विवाह, तलाक (Divorce), भरण-पोषण (Maintenance), उत्तराधिकार (Inheritance), दत्तक ग्रहण (Adoption) और लिव-इन संबंधों (Live-in Relationships) से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा, उत्तराखंड और गुजरात में अपनाए गए Uniform Civil Code मॉडल का अध्ययन, मध्य प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित कानूनी ढांचा सुझाना, महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों (Women & Child Rights) की सुरक्षा तथा लिव-इन संबंधों के पंजीयन (Registration of Live-in Relationships) से जुड़े अधिकारों पर सिफारिशें शामिल हैं। समिति सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और आम जनता से सुझाव लेकर जनसुनवाई भी आयोजित करेगी।
60 दिनों में सरकार को सौंपेगी रिपोर्ट और Draft Bill
सरकार के आदेश के अनुसार, समिति को अपने परीक्षण के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट और ड्राफ्ट बिल (Draft Bill) तैयार करके 60 दिनों के अंदर राज्य सरकार को सौंपना होगा। समिति के कार्य संचालन, सदस्यों की सेवा शर्तों और अन्य जरूरी मुद्दों पर अलग से विस्तृत आदेश जारी किए जाएंगे। यह कदम मध्य प्रदेश को Uniform Civil Code लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समिति समयबद्ध तरीके से अपनी रिपोर्ट सौंपती है, तो राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू करने की प्रक्रिया काफी तेज हो सकती है।

