MP Today Weather: प्रदेश में कई जिलों में सुबह घना कोहरा छाया रहा, जबकि 15 से अधिक जिलों में विजिबिलिटी 2-4 किलोमीटर तक सीमित रही। अगले चार दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा और कहीं भी शीतलहर का अलर्ट जारी नहीं है। उत्तरी मध्य प्रदेश में ठंड का असर अभी भी अधिक बना हुआ है।
MP Today Weather: मध्य प्रदेश में पिछले कई दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच बुधवार को मौसम में मामूली सुधार देखा गया। कई जिलों में सुबह के समय कोहरा कम हुआ और दृश्यता में सुधार दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा और अगले चार दिनों तक किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। इस दौरान न तो कोल्ड वेव की स्थिति बनेगी और न ही कोल्ड डे जैसी स्थिति।
ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा ठंड का असर
प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में ठंड का प्रकोप अभी भी बरकरार है। बर्फीली हवाओं के सीधे प्रभाव से ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। बीती रात ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस, करौंदी में 4.7 डिग्री, चित्रकूट में 5.3 डिग्री और नौगांव में 5.5 डिग्री दर्ज किया गया।
पचमढ़ी में पारा 5.8 डिग्री, खजुराहो में 6 डिग्री और दतिया में 6.2 डिग्री रहा। वहीं राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर और जबलपुर में 9.5 डिग्री तथा उज्जैन में 11 डिग्री दर्ज हुआ। दिन के समय भी उत्तरी जिलों में ठंडक बनी रही, जहां अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री के बीच रहा।
सुबह के कोहरे से प्रभावित रहे कई जिले
बुधवार सुबह ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर सहित 15 से अधिक जिलों में दृश्यता 2 से 4 किलोमीटर के बीच रही। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में शुष्क मौसम बना रहेगा और अगले कुछ दिनों में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा।
ट्रेनों का संचालन प्रभावित, कई गाड़ियां लेट
सुबह के घने कोहरे के कारण रेल यातायात भी प्रभावित रहा। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस सबसे ज्यादा प्रभावित हुई, जबकि पंजाब मेल, जनशताब्दी, झेलम और सचखंड एक्सप्रेस समेत करीब एक दर्जन ट्रेनों की समय-सारिणी बिगड़ी हुई है।
15 जनवरी से मौसम का मिजाज बदलेगा
मौसम विभाग के अनुसार, 15 जनवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 2-3 दिनों बाद मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बादल छा सकते हैं और मावठा (हल्की वर्षा) गिरने के आसार हैं। इससे ठंड का असर एक बार फिर बढ़ सकता है।
इस सीजन की रिकॉर्ड तोड़ ठंड
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल नवंबर और दिसंबर में ठंड ने कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल पुरानी सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई। जनवरी में भी ठंड का दौर जारी है। भोपाल में 10 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है और आने वाले दिनों में ठंड व कोहरे के और दौर बने रहने की संभावना है।

